दांतों की गिनती हड्डियों में क्‍यों नहीं होती?

दांतों की गिनती हड्डियों में क्‍यों नहीं होती?

हर दिन सुबह उठकर आईने में देखकर जब आप मुस्कुराते हैं, तो सबसे पहले आपकी नजर आपके चमकते हुए दाँतों पर जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सफेद, मजबूत और हड्डियों जैसे दिखने वाले दाँतों की गिनती हड्डियों में नहीं होती है।

दिखने में भले ही वे हड्डियों जैसे लगते हों, पर हकीकत में वे हड्डियाँ नहीं होते हैं। जी हाँ, शरीर में कितनी हड्डियाँ हैं, इस गिनती से दाँतों को बाहर रखा जाता है।

दांतों की गिनती हड्डियों में क्‍यों नहीं होती?

आखिर ऐसा क्यों है? क्या विज्ञान दाँतों को हड्डी नहीं मानता? आइए, जानते हैं इन सवालों के जवाब।

दाँत और हड्डी दोनों ही हार्ड टिशू से बने हैं

दाँत और हड्डियाँ एक मामले में एक जैसे होते हैं कि वे एक ही चीज से बने होते हैं—हार्ड टिशू। ये हार्ड टिशू कैल्शियम, फॉस्फोरस, फ्लोराइड और मैग्नीशियम जैसे खनिजों से बने होते हैं। यही कारण है कि हमारे पूरे शरीर में हड्डियाँ और दाँत ही ऐसी संरचनाएँ हैं, जो सबसे अधिक मजबूत होती हैं।

दाँत को क्यों हड्डी नहीं माना जाता

दाँतों को विज्ञान में इसलिए हड्डियों की गिनती में नहीं रखा गया है, क्योंकि इनका काम हड्डियों से बिल्कुल अलग होता है। दाँतों का काम है भोजन को तोड़ना और उसे पचाने में मदद करना।

इसी वजह से दाँतों को पाचन तंत्र की श्रेणी में रखा जाता है। वहीं हड्डियों का काम होता है शरीर को मजबूती, सहारा और एक संरचना प्रदान करना। इसके साथ ही हड्डियाँ हमारे शरीर के कोमल अंगों को सुरक्षा भी प्रदान करती हैं।

बनावट में दाँत और हड्डियाँ हैं अलग

दाँत और हड्डियाँ भले ही एक ही प्रकार के पदार्थ से बनी हों, लेकिन उनका काम अलग-अलग होने के कारण उनकी बनावट भी काफी अलग होती है। दाँत की बाहरी संरचना इनेमल की होती है, जो काफी सख्त होती है, लेकिन दाँत का “कोर” यानी भीतरी हिस्सा एक जैली जैसे पदार्थ से बना होता है। इसे “पल्प” कहते हैं। वहीं हड्डियाँ एक पतली लेकिन मजबूत परत से ढकी होती हैं, जिसे “पेरीओस्टेम” कहा जाता है। इस प्रकार परत-दर-परत हड्डियाँ टिकाऊ और मजबूत संरचनाओं से बनी होती हैं।

दाँत और हड्डियों में सबसे बड़ा अंतर

आपने शायद गौर किया होगा कि हड्डियों के अंदर और बाहर दोनों तरफ नर्व्स और रक्त वाहिकाएँ होती हैं। हड्डियाँ जीवित ऊतक (लाइव टिशू) होती हैं, जबकि दाँत मृत ऊतक (डेड टिशू) होते हैं। यही सबसे बड़ा अंतर है, जो दाँतों और हड्डियों को एक-दूसरे से अलग करता है।

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