भारत एक बहुत बड़ा और विविधताओं से भरा देश है। यहां हर राज्य की अपनी खास पहचान, संस्कृति और प्रशासनिक व्यवस्था होती है। आमतौर पर हम जानते हैं कि हर राज्य की एक ही राजधानी होती है, लेकिन कुछ राज्य ऐसे भी हैं जहां एक से ज्यादा राजधानियां हैं।
जम्मू और कश्मीर:
पहले जम्मू और कश्मीर राज्य था, लेकिन अब यह केंद्र शासित प्रदेश है। यहां दो राजधानियां हैं- गर्मियों में – श्रीनगर और सर्दियों में – जम्मू। इस व्यवस्था को ‘दरबार मूव‘ कहा जाता है। गर्मियों में श्रीनगर का मौसम सुहावना रहता है, इसलिए प्रशासन वहां से चलता है। सर्दियों में बहुत ठंड और बर्फबारी होती है, इसलिए उस समय काम जम्मू से किया जाता है।
हिमाचल प्रदेश:
इसमें भी दो राजधानियां हैं। मुख्य राजधानी – शिमला है और दूसरी राजधानी (सर्दियों में) धर्मशाला है। शिमला लंबे समय से राजधानी रहा है, लेकिन सर्दियों में यहां बहुत ज्यादा ठंड पड़ती है इसलिए कुछ सरकारी कामकाज धर्मशाला से भी होता है, जिससे प्रशासन चलाना आसान हो जाता है।
उत्तराखंड:
अस्थायी और स्थायी राजधानी उत्तराखंड की भी दो राजधानियां मानी जाती हैं। अस्थायी राजधानी – देहरादून और ग्रीष्मकालीन राजधानी – गैरसैंण। गैरसैंण को पहाड़ी क्षेत्र के करीब होने की वजह से राजधानी बनाने की मांग लंबे समय से चल रही थी। अब इसे ग्रीष्मकालीन राजधानी का दर्जा दिया गया है, जिससे पहाड़ और मैदान दोनों क्षेत्रों का संतुलन बना रहे।
एक से ज्यादा राजधानी क्यों होती है?
मौसम का असर: कई जगहों पर सर्दियों या गर्मियों में मौसम इतना ज्यादा बदल जाता है कि वहां काम करना मुश्किल हो जाता है इसलिए राजधानी बदलनी पड़ती है।
प्रशासनिक सुविधा: कुछ राज्यों में अलग-अलग इलाकों को बराबर महत्व देने के लिए दो राजधानियां बनाई जाती हैं, ताकि हर क्षेत्र का विकास हो सके।
ऐतिहासिक कारण: कुछ जगहों पर यह व्यवस्था पुराने समय से चली आ रही है, जिसे आज भी जारी रखा गया है।
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