‘बोनयार्ड’ के नाम से मशहूर इस जगह को विमानों के कब्रिस्तान के रूप में जाना जाता है। बोनयार्ड में कार्गो लिफ्टर से लेकर बम वर्षक विमान, ए 10 थंडरबोल्ट्स, हर्कुलस फाइटर्स और एफ-14 टॉमकैट फाइटर्स तक अन्य विमान मौजूद हैं। अमेरिका का 301 वां एयरोस्पेस मैंटेनैंस एंड रिजनरेशन ग्रुप यहां पहुंचने वाले विमानों की मुरम्मत करता है और कुछ विमानों को उड़ने लायक बनाता है। माइक्रोसॉफ्ट ने सैटेलाइट के जरिए एक बार इसकी कुछ फोटोज जारी की थी। इसमें ‘बोनयार्ड’ को तीन हिस्सों के विस्तार क्षेत्र में दिखाया गया था।
2005 में जब सैटेलाइट इमेजरी सॉफ्टवेयर लांच हुआ था, तबसे ये ‘गुगल अर्थ यूजर्स’ के लिए जिज्ञासा का विषय बनी हुई थी। हालांकि, अब सैटेलाइट के जरिए इसकी कहीं ज्यादा साफ फोटो देखी जा सकती है।
एरिजोना में ही मौजूद डेविस मान्थन एयरफोर्स बेस में 35 बिलियन डालर (2157 अरब रुपए) के पुराने विमानों के सही-सलामत हिस्से सहेजकर रखे जाते हैं।
यह करीब 4 ,400 एयरक्राफ्ट्स का घर है। वहीं, स्टील के साढ़े तीन लाख सामानों का यह कब्रिस्तान है। अमेरिका सरकार ने दूसरे देशों को भी यहां से पुराने पार्ट्स और विमान खरीदने की छूट दे रखी है।
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