गणेश चतुर्थी अर्थात कलंक चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन मना है

गणेश चतुर्थी अर्थात कलंक चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन मना है

शास्त्रनुसार गणेश चतुर्थी अर्थात कलंक चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन निषेध माना गया हैं। इस दिन चंद्र दर्शन करने से व्यक्ति को एक साल तक मिथ्या कलंक लगता हैं। भगवान श्री कृष्ण को भी चंद्र दर्शन का मिथ्या कलंक लगने के प्रमाण हमारे शास्त्रों में विस्तार से वर्णित हैं।

यदि भूल से भी चौथ का चंद्रमा दिख जाय तो ‘श्रीमद् भागवत्‘ के 10वें स्कन्ध के 56-57 वें अध्याय में दी गई ‘स्यमंतक मणि की चोरी‘ की कथा का आदरपूर्वक श्रवण करना चाहिए। भाद्रपद शुक्ल तृतिया और पंचमी के चन्द्रमा का दर्शन करना चाहिए, इससे चौथ को दर्शन हो गए तो उसका ज्यादा खतरा नहीं होगा। मानव ही नहीं पूर्णावतार भगवान श्रीकृष्ण भी इस तिथि को चंद्र दर्शन करने के पश्चात मिथ्या कलंक से नहीं बच पाए थे।

श्लोक: भाद्रशुक्लचतुथ्र्यायो ज्ञानतोऽज्ञानतोऽपिवा। अभिशापीभवेच्चन्द्रदर्शनाद्भृशदु:खभाग्॥

उपरोक्त श्लीक के अनुसार जो जानबूझ कर अथवा अनजाने में ही भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को चंद्रमा का दर्शन करेगा, वह अभिशप्त होगा। उसे बहुत दुःख उठाना पडेगा। शास्त्र गणेश पुराण के अनुसार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन चंद्रमा देख लेने पर कलंक अवश्य लगता हैं। ऐसा गणेश जी का वचन हैं। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन न करें यदि भूल से चंद्र दर्शन हो जाए तो उसके निवारण के निमित्त निम्नलिखित उपाय करें जिसे चंद्रमा के दर्शन से होने वाले मिथ्या कलंक का ज्यादा खतरा नहीं होगा। दोष मुक्त हो जाएंगे। यदि अज्ञानतावश या जाने-अनजाने चांद दिख जाए तो निम्न मंत्र का पाठ करें। यदि आप पर कोई मिथ्यारोप लगा है तो भी इसका जाप कर सकते हैं।

मिथ्या आरोप निवारक मंत्र: सिंह प्रसेनम् अवधात, सिंहो जाम्बवता हत:। सुकुमारक मा रोदीस्तव ह्रास स्वमन्तक॥

इसके अतिरिक्त करें यह उपाय:

  1. भागवत की स्यमंतक मणि की कथा सुने यां पाठ करें।
  2. सिंहः प्रसेनमवधीत् सिंहो जांबवता हतः। सुकुमारक मा रोदीस्तव ह्येष स्यमन्तकः।। इस मंत्र का का 21 बार जाप करें।
  3. एक पत्थर अपने पड़ोसी की छत पर फैंक दीजिए।
  4. शाम के समय अपने अतिप्रिय निकट संबंधी से कटु वचन बोलें तत्पश्चात अगले दिन प्रातः उससे से क्षमा मांग लें।
  5. आईने में अपनी शक्ल देखकर उसे बहते पानी में बहा दें।
  6. 21 अलग-अलग पेड़-पौधों के पत्ते तोड़कर अपने पास रखें।
  7. मौली में 21 दूर्वा बांधकर मुकुट बनाएं तथा इस मुकुट को गणपति मंदिर में गणेश जी के सिर पर सजाएं।
  8. रात के समय मुहं नीचे करके और आंखें बंद करके आकाश में स्थित चंद्रमा को आईना दिखाइए तथा आईने को चौराहे पर ले जाकर फैंक दीजिए।
  9. गणेश जी की प्राण प्रतिष्ठित मूर्ति पर 21 लड्डूओं का भोग लगाएं। इनमें से 5 लड्डू गणेश जी की प्रतिमा के पास रखकर शेष ब्राह्मणों में बांट दें।
  10. शाम के समय सूर्यास्त से पहले किसी पात्र में दही में शक्कर फेंट लें, इस घोल को किसी दोने में रख लें तथा इस घोले में अपनी शक्ल देखकर अपनी समस्या मन ही मन कहें तत्पश्चात इस घोल को किसी श्वान को खिला दें।

~ आचार्य कमल नंदलाल [kamal.nandlal@gmail.com]

Check Also

Ohh My Dog: Pankaj Tripathi Family Drama Film Trailer & Review

Ohh My Dog: Pankaj Tripathi Family Drama Film Trailer & Review

Movie Name: Ohh My Dog Directed by: Amit Rai Starring: Maahi Rai, Pankaj Tripathi, Geeta …