प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है। इन दिनों सोशल मीडिया पर हिमालय के ऊंचे पहाड़ी इलाकों का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक बेहद दुर्लभ और विशालकाय पौधा लोगों का ध्यान खींच रहा है। अपनी अनोखी बनावट और चमकदार संरचना के कारण इसे लोग ‘हिमालयी हीरा’ या ‘डायमंड फ्लावर’ कह रहे हैं।
क्या है ‘हिमालयी हीरा’ (Himalayan Diamond Flower)?
सोशल मीडिया पर ‘डायमंड फ्लावर‘ के नाम से चर्चित इस पौधे का वैज्ञानिक नाम ‘रियम नोबाइल‘ है। इसे स्थानीय स्तर पर ‘पदमचाल‘ या ‘केन्जो‘ के नाम से भी जाना जाता है। इसकी पारदर्शी और चमकदार संरचना इसे अन्य पौधों से अलग पहचान देती है।
इसी विशेषता के कारण इसे ‘हिमालयी हीरा‘ कहा जाता है।
जीवन में सिर्फ एक बार खिलता है
इस पौधे की सबसे अनोखी विशेषता इसका जीवन चक्र है। जहां अधिकांश पौधे नियमित रूप से फूल देते हैं, वहीं ‘रियम नोबाइल’ अपने पूरे जीवन में केवल एक बार फलता है। इस प्रक्रिया में करीब 7 से 15 वर्ष तक का समय लग सकता है। फूल आने के बाद धीरे-धीरे पौधे का जीवन चक्र समाप्त होने लगता है।
इंसान जितनी हो सकती है ऊंचाई
‘रियम नोबाइल (Rheum nobile)’ अपनी लम्बाई के लिए भी जाना जाता है। इसकी ऊंचाई लगभग 3.2 से 6.5 फुट तक हो सकती है। वायरल वीडियो में यह पौधा पहाड़ों के बीच इंसानों के बराबर या उनसे भी ऊंचा दिखाई देता है, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।
13 हजार फुट से अधिक ऊंचाई पर होता है विकसित
‘रियम नोबाइल‘ सामान्य परिस्थितियों में नहीं उगता। यह हिमालय के दुर्गम और ठंडे इलाकों में समुद्र तल से करीब 4,000 मीटर (लगभग 13,000 फुट) या उससे अधिक की ऊंचाई पर पाया जाता है। कम ऑक्सीजन और बेहद कम तापमान जैसी कठिन परिस्थितियों में इसका विकसित होना प्रकृति की अद्भुत अनुकूलन क्षमता का उदाहरण है।
वायरल वीडियो के बाद संरक्षण की मांग
वायरल वीडियो में कुछ लोग इस दुर्लभ पौधे को छूते और तोड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसे लेकर पर्यावरण प्रेमियों और सोशल मीडिया यूजर्स ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि ऐसे दुर्लभ पौधों को नुकसान पहुंचाने के बजाय उनका संरक्षण किया जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी प्रकृति के इस अनमोल उपहार को देख सकें।
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