Folktales In Hindi

Folktales In Hindi

संत की मज़ार

संत की मज़ार

किसी मज़ार पर एक फकीर रहते थे। सैकड़ों भक्त उस मज़ार पर आकर दान-दक्षिणा चढ़ाते थे। उन भक्तों में एक बंजारा भी था। वह बहुत गरीब था, फिर भी, नियमानुसार आकर माथा टेकता, फकीर की सेवा करता, और फिर अपने काम पर जाता, उसका कपड़े का व्यवसाय था, कपड़ों की भारी पोटली कंधों पर लिए सुबह से लेकर शाम तक …

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दोस्ती

Dosti

“देख दोस्त तुझे ये करना तो पड़ेगा ही।” सिगरेट को आगे करते हुए मीनेश ने दर्पण से कहा। कबीर इंडस्ट्रीज के मालिक करण मल्होत्रा का एकलोता पुत्र दर्पण जो बचपन से पढ़ाई में होशियार था। आज अपने एक टपोरी दोस्त मीनेश के साथ बगीचे में बैठा था। मीनेश ने सिगरेट का कश लेकर हवा में धुवा उड़ाते हुए दर्पण से …

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किसका भगवान श्रेष्ठ?

किसका भगवान श्रेष्ठ?

किसी जंगल मे दो कबिले “इनसा” ओर “परिकान” थे। दोनो कबिलो मे संप्रदायीक लड़ाईया होती रहेती थी। इन लड़ाइयों में कई लोगो की जाने गई, कई परिवार ख़त्म हुए, पर इनकी दुश्मनी ख़त्म ना हुई! उस गॉव मे एक समझदार बूढ़ा रहता था। उसने इस लडाई को ख़त्म करने की ठानी, उसने दोनो गावो के मुखिया किंबो ओर ओलान्गो को …

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परोपकारी राजा

Humanitarian

एक राजा बहुत बड़ा प्रजापालक था, हमेशा प्रजा के हित में प्रयत्नशील रहता था। वह इतना कर्मठ था कि अपना सुख, ऐशो-आराम सब छोड़कर सारा समय जन-कल्याण में ही लगा देता था। यहां तक कि जो मोक्ष का साधन है अर्थात भगवत-भजन, उसके लिए भी वह समय नहीं निकाल पाता था। एक सुबह राजा वन की तरफ भ्रमण करने के …

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अंदर बाहर – भाग 2

Andar Bahar

अब तक आपने पढ़ा की एक गाँव मे हुई तेज बारिश से बचने के लिए लोगो ने एक मंदिर का सहारा लिया। एक एक करके लोग बढ़ने लगे। तब सब ने निर्णय लिया की जो बहार है उसे बहार ही रहने दो, सभी के मना करने के बावजूद मुखिया ने एक बूढ़े को मंदिर के अंदर लिया, जब एक दूसरी …

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अंदर बाहर

Andar Bahar

एक बार एक गाँव में जबरदस्त बारिश हुई, आसपास के सारे झोपडे ओर कई लोग बारिश में बह गये। जो बचे थे उन्होने अपनी जान बचाने के लिए गाँव के एक उंचे टिल्लेपे आए मंदिर में सहारा लीया। मंदिर उचाई पर था सो उसे बारिश के बहते पानी से कम नुकसान हो रहा था, गाँव वाले वहा सही सलामत थे, …

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बच गया रे… बच गया…

बच गया रे... बच गया...

गाँव में झलूस था! सीमा पार के उस कुए पर हर साल की तरह इस साल भी मुर्गो कि बली दि जा रही थी। पंडित जी जोरो शोरो से मंत्र तंत्र पढ रहे थे, गाँव का उस्तव संपन्न हुआ ओर सभी अपने अपने घर लोटने लगे। रास्ते में छोटे सागर ने अपने पिताजी मनोहर का हाथ थाम और पुछा “पिताजी …

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कभी गाड़ी नाव पर, कभी नाव गाड़ी पर – कहानियां कहावतो की

कभी गाड़ी नाव पर, कभी नाव गाड़ी पर – कहानियां कहावतो की

कभी गाड़ी नाव पर, कभी नाव गाड़ी पर – कहानियां कहावतो की एक दिन एक आदमी अपने लड़के के साथ बाज़ार जा रहा था। बाज़ार पहुंचकर उसने कुछ सामान खरीदा। सामान लेकर बाप-बेटे, दोनों बातें करते चले आ रहे थे। सामने से एक बैलगाड़ी आ रही थी। जब पास आ गयी, तो बाप-बेटे से बोला, “देखो बेटे, गाड़ी नाव पर जा …

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बकरे की अम्मा कब तक खैर मनाएगी – कहानियां कहावतो की

बकरे की अम्मा कब तक खैर मनाएगी - कहानियां कहावतो की

बकरे की अम्मा कब तक खैर मनाएगी – कहानियां कहावतो की एक परिवार में दो छोटे बच्चे थे। तीन वर्ष और पांच वर्ष के। एक दिन बच्चों के दादा एक बकरी खरीद कर लाये। पहले तो बच्चे बकरी से दूर-दूर रहते थे। जब वह सींग मारने को गर्दन टेढ़ी करती, तो बच्चे भाग खड़े होते। कुछ दिन बाद इस बकरी …

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काम करे तो क़ाज़ी, ना करे तो पाजी – कहानियां कहावतो की

काम करे तो क़ाज़ी, ना करे तो पाजी

काम करे तो क़ाज़ी, ना करे तो पाजी – कहानियां कहावतो की एक गाँव में एक क़ाज़ी था। वह अपने न्याय के लिए बहुत प्रसिद्ध था। उसकी ईमानदारी देखते हुए गाँव वाले ही नहीं बल्कि आस पास गाँव के लोग भी उसका सम्मान करते थे। गाँव के पांच और ज़मींदार भी उसके आदर में कमी नहीं रखते थे। यानी के अमीर …

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