देव सोमनाथ मंदिर, डूंगरपुर, राजस्थान

देव सोमनाथ मंदिर, डूंगरपुर, राजस्थान

डूंगरपुर से 24 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित भगवान महादेव का एक ऐसा मंदिर है, जिसका निर्माण 12वीं शताब्दी में हुआ था। यह नदी के किनारे पर बना एक प्राचीन शिव मंदिर है। इस मंदिर की खासियत है कि इस तीन मंजिला मंदिर की इमारत पूरी तरह से पत्थर से ही बनी हुई है। एक पत्थर के ऊपर दूसरे पत्थर से स्थापित इस पूरे मंदिर में कहीं पर भी चूना या सीमेंट अथवा रेत का उपयोग नहीं किया गया। भारतीय पुरातत्व विभाग के अधीन यह मंदिर उदयपुर और डूंगरपुर की सीमा को अलग करने वाली सोम नदी के तट पर बना हुआ है। यहां के लोगों के अनुसार यह मंदिर एक ही रात में बना था।

Dev Somnath Temple, Dungarpur, Rajasthan

बताया जाता है कि सोमनाथ की तर्ज पर होने के कारण इसका नाम भी सोमनाथ ही था लेकिन बाद में भक्तों द्वारा इसके साथ देव शब्द को जोड़ दिया गया, जिस कारण इसे देव सोमनाथ कहा जाने लगा। मंदिर के पुजारी के अनुसार यह मंदिर एक ही रात में बना है, लेकिन यही बात बड़े-बुजुर्ग कहते हैं।

राजपूत शासकों ने बनवाया मंदिर

मंदिर परिसर में ही कई शिलालेख हैं, लेकिन पत्थर पर उकेरे हुए शब्दों को आसानी से पढ़ा नहीं जा सकता। पुरातत्व विभाग की ओर से स्थापित शिलालेख में बताया है कि मालवा शैली में निर्मित इस विशाल शिव मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी में स्थानीय राजपूत शासकों द्वारा करवाया गया था।

इस तीन मंजिला मंदिर के योजनाकार में गर्भगृह, अंतराल, संपूर्ण खलदार, सभामंडप युक्त है। इसमें तीन दिशाओं में प्रवेश द्वार हैं। मंदिर का गर्भगृह भूमितल से 2.7 मीटर नीचे है, जिसके ऊपरी द्वितलीय रथों वाली बनावट है।

अभिलेख 14वीं शताब्दी से जुड़ा हुआ

मंदिर के पुजरी के पुजारी अनुसार इस मंदिर से एकमात्र अलग अभिलेख मिला है। इसमें बताया गया है कि यह मंदिर 14वीं शताब्दी से जुड़ा हुआ है और यह महारावल गोपीनाथ (1427-1447 ई.) और महारावल शेषमल (1586-1606 ई.) से संबंधित है।

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