पर्यावरण दिवस: विश्व में वातावरण को साफ और बेहतर बनाने के लिए लोगों में जागरूकता लाने और पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रोत्साहित करने के लिए हर वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को मनाया जाता है।
पर्यावरण दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को पूरी दुनिया में बढ़ रहे प्रदूषण को रोकने, प्राकृतिक संसाधनों को बचाने और पर्यावरण के संरक्षण हेतु जागरूक करना है। आज अंधाधुंध विकास के नाम पर पृथ्वी और प्रकृति से छेड़छाड़ के कारण भूकम्प और सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं को झेलना पड़ रहा है।
विश्व पर्यावरण दिवस: 5 जून
मौजूदा समय में ग्लेशियर पिघल रहे हैं, ग्लोबल वार्मिंग के साथ-साथ प्रदूषण भी खूब बढ़ रहा है। इन सभी से पर्यावरण और पृथ्वी नष्ट हो रही है। ऐसी स्थिति में पृथ्वी की गुणवत्ता, उर्वरता और महत्ता को बनाए रखने के लिए हमें पर्यावरण और पृथ्वी को सुरक्षित रखने की जरूरत है।
पर्यावरण और लोगों के दैनिक जीवन पर इसके प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने और लोगों को यह याद दिलाने के लिए कि प्रकृति को हल्के में न लें, इसकी संरक्षण की भावना को ध्यान में रखकर कार्य करना ही पर्यावरण को बचाना है।
पर्यावरण की रक्षा के तरीकों को जानना भी वास्तव में महत्वपूर्ण है।
स्वस्थ जीवन के लिए पर्यावरण एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह हमें हवा, भोजन इत्यादि प्रदान करता है। किसी ने सही कहा है कि ‘जानवरों और मनुष्यों के बीच अंतर यह है कि जानवर पर्यावरण के लिए खुद को बदलते हैं, लेकिन मनुष्य अपने लिए पर्यावरण को बदलते हैं।’
पर्यावरण हमारे अड़ोस-पड़ोस की तरह ही तो है, इसकी आसपास की परिस्थितियां हमें प्रभावित करती हैं और विकास को संशोधित भी करती हैं।
पर्यावरण दिवस का इतिहास
यह दुनिया में हर साल मनाए जाने वाले सबसे बड़े इवेंट्स में से एक है, जिसमें सालाना 143 से अधिक देश भागीदारी करते हैं।
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यू.एन.ई.पी.) के नेतृत्व में और 1973 से हर साल आयोजित होने वाला यह दिवस पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने का सबसे बड़ा वैश्विक मंच बन गया है। इसे दुनिया भर में लाखों लोग मनाते हैं।
विश्व पर्यावरण दिवस की शुरुआत 1972 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्टॉकहोम में मानव पर्यावरण पर आयोजित सम्मेलन (5-16 जून 1972) में की गई थी, जो मानवीय अंतः क्रियाओं और पर्यावरण के एकीकरण पर चर्चाओं का परिणाम था।
एक साल बाद, 1973 में, पहला विश्व पर्यावरण दिवस ‘केवल एक पृथ्वी’ थीम के साथ आयोजित किया गया था।
2025 का मेजबान देश और थीम
कोरिया गणराज्य इस बार यानी 2025 के विश्व पर्यावरण दिवस की मेजबानी करेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करना है।
ग्रह को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त करना सतत् विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में एक महत्वपूर्ण योगदान है, जिसमें जलवायु कार्रवाई, सतत् उत्पादन और उपभोग, समुद्र और महासागरों की सुरक्षा और पारिस्थितिकी तंत्र की मुरम्मत और जैव विविधता को बनाए रखना शामिल है।
हम केवल एक दिन विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मना कर हम प्रकृति को बर्बाद होने से नहीं रोक सकते। इसके लिए हमें बड़े बदलाव की जरूरत है।
हमें जमीनी हकीकत से जुड़ कर पेड़ लगाने होंगे, प्लास्टिक के इस्तेमाल को बंद करना होगा और इसके साथ ही पानी को बचाने के लिए काम करना होगा।
आइए हम विश्व पर्यावरण दिवस पर शपथ लें कि आगे से कोई भी ऐसा कार्य नहीं करेंगे, जिससे प्रकृति को नुकसान पहुंचे।
और अगर कोई ऐसा काम कर भी रहा है तो उसी से इसके नुकसान को पूरा करने के लिए जरूर उचित कदम उठाएंगे।
अपनी शपथ में निर्णय लें कि मैं पर्यावरण को बचाने के लिए लगातार पवन, पानी, पेड़ और पृथ्वी के गलत इस्तेमाल को रोकने के हरसंभव प्रयास करूंगा। इसके साथ ही वातावरण को प्रदूषण से बचाने और पेड़ लगाने के लिए समाज के हर वर्ग को प्रेरित करूंगा।
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