Indian Festivals

Indian Festivals are celebrated by varied cultures and through their special rituals add to the colours of Indian Heritage. Some festivals welcome the seasons of the year, the harvest, the rains, or the full moon. Others celebrate religious occasions, the birthdays of saints and gurus (revered teachers), or the advent of the New Year. A number of these festivals are common to most parts of India. However, they may be called by different names in various parts of the country or may be celebrated in a different fashion.

क्षीर भवानी मेला, तुलमुला, गंदरबल जिला, जम्मू और कश्मीर

क्षीर भवानी मेला, तुलमुला, गंदरबल जिला, जम्मू और कश्मीर

शामा माता के जन्मदिन पर उनके दर्शनों के लिए कश्मीर के क्षीर भवानी माता मन्दिर में भक्तों का सैलाब उमड़ा है। कश्मीरी पंडितों की माता में काफी आस्था है। देश-विदेश में बसे कश्मीरी पंडित क्षीर भवानी मेले में भाग लेने हेतु कश्मीर पहुंचे हुए हैं। श्रीनगर के गांधरबल और क्षीर भवानी अस्थापन मजगाम कुलागम में भक्तों की भीड़ देखने लायक है। …

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गुरु अर्जन देव जी शहीदी दिवस

गुरु अर्जन देव जी शहीदी दिवस

भारतीय संत परम्परा में पंचम पातशाह श्री गुरु अर्जन देव जी का विशेष तथा महत्वपूर्ण स्थान है। इनकी उत्कृष्ट बाणी तथा अनुपम कुर्बानी ने सिखों के जीवन में जो रंग भर कर उसे गौरवमयी बनाया, वह इतिहास के सुनहरे पृष्ठों से प्रकट है। गुरु जी ने लोगों को सामाजिक कल्याण तथा परमार्थिक बोध का एहसास करवाया। वाणीकार तथा संगीतकार होने …

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महाराज लाल दास जी भूरीवाले जन्म उत्सव, रकबा साहिब, मुल्लांपुर दाखा, लुधिआना, पंजाब

महाराज लाल दास जी भूरीवाले जन्म उत्सव, रकबा साहिब, मुल्लांपुर दाखा, लुधिआना, पंजाब

संत महापुरुष जहां लोगों को नाम बाणी से जोड़ते हैं वहीं लोगों का जीवन खुशहाल करने के लिए समाज सेवा के कार्य भी बड़े स्तर पर करते हैं। इसी तरह संत समाज में महाराज भूरीवाले गरीबदासी सम्प्रदाय गुरुगद्दी परम्परा में संत महापुरुष हुए हैं। इस सम्प्रदाय के पहले महाराज महापुरुष महाराज ब्रह्म सागर जी भूरीवाले थे। दूसरे गद्दीनशीन महापुरुष स्वामी …

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Story Behind Mother’s Day

Story Behind Mother's Day

The earliest Mother’s Day celebrations can be traced back to the spring celebrations of ancient Greece in honor of Rhea, the Mother of the Gods. During the 1600’s, England celebrated a day called “Mothering Sunday”. Celebrated on the fourth Sunday of Lent (the 40-day-period leading up to Easter), “Mothering Sunday” honoured the mothers of England. As Christianity spread throughout Europe, …

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नारद जयंती

Narad Jayanti

देवर्षि नारद पहले गन्धर्व थे। एक बार ब्रह्मा जी की सभा में सभी देवता और गन्धर्व भगवन्नाम का संकीर्तन करने के लिए आए। नारद जी भी अपनी स्त्रियों के साथ उस सभा में गए। भगवान के संकीर्तन में विनोद करते हुए देखकर ब्रह्मा जी ने इन्हें शाप दे दिया। जन्म लेने के बाद ही इनके पिता की मृत्यु हो गई। …

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गुड फ्राईडे

Crown Of Thorns

पवित्र बाईबल में अनेक कुर्बानियों का वर्णन है परन्तु प्रभु यीशू मसीह की कुर्बानी को ही सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया गया है क्योंकि उनका संसार में मानवीय रूप में आना सलीबी मौत और उसके तीसरे दिन पुन: जी उठना यह सब परेमश्वर की ही योजना थी। प्रभु यीशू मसीह के संबंध में परमेश्वर ने अपने नबियों द्वारा हजारों वर्ष पहले भविष्यवाणियां …

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माईसरखाना मेला, बठिंडा, पंजाब

माईसरखाना मेला, बठिंडा, पंजाब

हिंदू सिख एकता का प्रतीक है माईसरखाना मेला गांव माईसरखाना में देवी माता का मेला पंजाब का एक ऐसा धार्मिक मेला है, जो हिन्दू-सिख एकता का सबूत है। इस बार यह मेला 25 मार्च को लग रहा है। यहां देवी माता के 3 मंदिर हैं जिनमें बीच के मंदिर का प्रबंध श्री सनातन धर्म महावीर दल पंजाब के पास है। …

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Kila Raipur Sports Festival

Kila Raipur Sports Festival was started by the founder of Grewal Sports Association, Inder Singh Grewal way back in 1930 to encourage local youths of Kila Raipur and surrounding areas to participate in sports and recreational activities that could keep them fit and healthy. Today Kila Raipur Sports Festival lives up to its moniker of the ‘Rural Olympics’ of the region …

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