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घर के झाड़ू और लक्ष्मी का रिश्ता

घर के झाड़ू और लक्ष्मी का रिश्ता

शास्त्रानुसार झाड़ू को महालक्ष्मी का सूचक माना गया है। झाड़ू से अलक्ष्मी के रूप में दरिद्रता रूपी गंदगी को बाहर निकाला जाता है। जिन घरों के कोने-कोने में भी सफाई रहती है, वहां का वातावरण सकारात्मक रहता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार झाड़ू और लक्ष्मी का गहरा रिश्ता बताया गया है। सही प्रकार से झाड़ू लगाने से घर के कई वास्तु दोष दूर होते हैं। साथ ही, इनसे जुड़ी कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो महालक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त की जा सकती है। शास्त्रों में कहा गया है जिस घर में झाड़ू का अपमान होता है उस घर में सदैव आर्थिक हानि होती रहती है। इस लेख के माध्यम से हम अपने पाठकों को बताने जा रहे हैं झाड़ू और लक्ष्मी से जुड़े अनसुलझे रहस्य।

झाड़ू से न करें ऐसे काम

  • झाड़ू पर कभी पैर न लगाएं।
  • झाड़ू को कभी भी रसोई घर में न रखें इससे बरकत खत्म होती है।
  • सूर्यास्त के उपरांत झाड़ू न लगाएं। इससे घर में दरिद्रता का वास होता है।
  • झाड़ू को कभी भी खड़ा करके न रखें। इससे घर में श्मशान का वास होता है।
  • कोई भी सदस्य किसी खास कार्य के लिए घर से निकला हो तो उसके जाने के तुरंत बाद घर में झाड़ू नहीं लगाना चाहिए।
  • किसी भी जानवर को झाड़ू न मारें विशेषकर गाय को क्योंकि गाय में हिंदू धर्म के 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना जाता है।

झाड़ू का आदर करने से लक्ष्मी होती हैं प्रसन्न

  • लक्ष्मी कृपा प्राप्ति के लिए शुक्रवार से लगातार 43 दिनों तक किसी मंदिर में झाड़ू से सफाई करें।
  • ब्रह्म मुहूर्त के समय घर में नियमित रूप से झाड़ू लगाने से घर में लक्ष्मी का वास होता है।
  • घर में सदा शुभ शकुन एवं सुख-समृद्धि और बरकत बनी रहे इसके लिए झाड़ू को सदा स्टोर रूम में छुपा कर रखें।
  • प्राचीन मान्यता है कि बृहस्पतिवार को घर में झाड़ू के उपरांत पोंछा न लगाएं। अन्य समस्त दिनों में पोंछा अवश्य लगाएं।
  • नए घर में प्रवेश करते समय, नई झाड़ू लेकर ही घर के अंदर जाएं। यह शुभ शकुन माना जाता है। इससे नए घर में सुख-समृद्धि और बरकत बनी रहेगी।
  • देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए शुक्रवार के दिन किसी मंदिर में तीन झाड़ू रख आएं। इस पुरातन परंपरा के अनुसार लोग अक्सर मंदिरों में झाड़ू दान किया करते थे।

~ आचार्य कमल नंदलाल [kamal.nandlal@gmail.com]

About Aacharya Kamal Nandlal

Acharya Kamal Nandlal has a vast experience on astrological analysis over Jatak Jyotish on the behalf of BIHRAT PARASHARA HORA SHASTRA & command on remedial astrology by LalKitab, Gem Therapy, Color Therapy & Rudraksha Therapy. Giving Predictions regarding Falit Jyotish, Mundane Astrology etc. He has experience of reading 10000 & above Horoscopes, he has technical command on the Horary astrology & Astrological Analysis Reporting. Reporting on the subject of Health, Wealth, Property, Love & Passion, Marriage & Compatibility, Luck & Fortune, Karma & Economical sources. Astrologically Command on the Vimshottary, Ashtottarry, Yogini & KalaChakaras Dasha, Vimposhak Varga, AashtVarga, Maitri, Mahurta etc.

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