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Tag Archives: Veena

प्रेरणादायी है माँ सरस्वती का स्वरुप

प्रेरणादायी है माँ सरस्वती का स्वरुप

वसंत पंचमी हिन्दू पंचांग के अनुसार माघ शुक्ल की पांच तारीख को मनाई जाती है। देवी भागवत में उल्लेख है कि माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी को ही संगीत, काव्य, कला, शिल्प, रस, छंद, शब्द व शक्ति की प्राप्ति जीव को हुई थी। सरस्वती को प्रकृति की देवी की उपाधि भी प्राप्त है। पद्मपुराण में मां सरस्वती का रूप प्रेरणादायी …

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Dr. Balamurali Krishna – Biography, Early Life & Music Career

Dr. Balamurali Krishna - Biography, Early Life & Music Career

Dr. Balamurali Krishna [6 July, 1930 – 22 November, 2016] — The celebrated Carnatic Musical Genius ‘Padmashri’ Dr. Balamurali Krishna is a renowned singer, composer as well as an instrumentalist. He plays instruments like Violin, Veena, Mridangam and Khanjira. Murali Krishna was born on 6th July 1930 at Sankaraguptam in Andhra Pradesh in an artistically inclined family. His father Mangalampalli Pattabhiramayya, …

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Saraswati Puja Coloring Pages

Saraswati Puja coloring pages

Saraswati Puja Coloring Pages: Saraswati is the Hindu goddess of knowledge, music, arts, wisdom and learning. She is a part of the trinity of Saraswati, Lakshmi and Parvati. Some Hindus celebrate the festival of Vasant Panchami in her honour. Listed are some of fine line arts (coloring pages) of Goddess Saraswati. Click the images you like, then save it on your …

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What is the importance of Basant Panchami?

What is the importance of Basant Panchami?

It is believed that the Goddess Saraswati bequeaths the greatest wealth to human beings i.e., Knowledge. People pray to the Goddess on this day to acquire Knowledge and ask to remove the Darkness of Mind and to bless them with the Eternal Knowledge. She is imagined in White Attire with the Musical Instrument Bina in her hand and sitting on …

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भारत महिमा – जयशंकर प्रसाद

भारत महिमा - जयशंकर प्रसाद

हिमालय के आँगन में उसे प्रथम किरणों का दे उपहार उषा ने हँस अभिनंदन किया और पहनाया हीरक हार। जगे हम, लगे जगाने विश्व लोक में फैला फिर आलोक व्योम–तम–पुंज हुआ तब नाश अखिल संसृति हो उठी अशोक। विमल वाणी ने वीणा ली कमल–कोमल–कर में सप्रीत सप्तस्वर सप्तसिंधु में उठे छिड़ा तब मधुर साम–संगीत। हमारे संचय में था दान अतिथि …

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वीणा की झंकार भरो – मनोहर लाल ‘रत्नम’

कवियों की कलमों  में शारदे, वीणा की झंकार  भरो। जन – गण – मन  तेरा  गुण गाये, फिर ऐसे आधार करो॥ तेरे बेटों ने तेरी झोली में डाली हैं लाशें, पीड़ा, करुणा और रुदन चीखों की डाली हैं सांसें। जन – गण मंगल दायक कर आतंक मिटा दो धरती से- दानव कितने घूम रहे हैं, फैंक रहे हैं अपने पासे॥ …

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नारद जयंती

Narad Jayanti

देवर्षि नारद पहले गन्धर्व थे। एक बार ब्रह्मा जी की सभा में सभी देवता और गन्धर्व भगवन्नाम का संकीर्तन करने के लिए आए। नारद जी भी अपनी स्त्रियों के साथ उस सभा में गए। भगवान के संकीर्तन में विनोद करते हुए देखकर ब्रह्मा जी ने इन्हें शाप दे दिया। जन्म लेने के बाद ही इनके पिता की मृत्यु हो गई। …

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