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बुद्ध पूर्णिमा और बौद्ध धर्म के सिद्धांत Buddha & Principles of Buddhism

बुद्ध पूर्णिमा और बौद्ध धर्म के सिद्धांत

आज से लगभग अढ़ाई हजार वर्ष पहले जब पृथ्वी पर हिंसा बढ़ गई थी और धर्म के नाम पर निर्दोष पशुओं का वध हो रहा था तब जीवों की हत्या रोकने के लिए मायादेवी के गर्भ से भगवान स्वयं बुद्ध के रूप में अवतरित हुए। उनके पिता का नाम शुद्धोदन था। उनकी राजधानी कपिलवस्तु थी। भगवान बुद्ध के बचपन का …

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माँ कह एक कहानी – मैथिली शरण गुप्त – Inspirational Bedtime Poem

माँ कह एक कहानी - मैथिली शरण गुप्त - Inspirational Bedtime Poem

“माँ कह एक कहानी।” बेटा समझ लिया क्या तूने मुझको अपनी नानी? “कहती है मुझसे यह चेटी, तू मेरी नानी की बेटी कह माँ कह लेटी ही लेटी, राजा था या रानी? माँ कह एक कहानी।” “तू है हठी, मानधन मेरे, सुन उपवन में बड़े सवेरे, तात भ्रमण करते थे तेरे, जहाँ सुरभी मनमानी।” “जहाँ सुरभी मनमानी। हाँ माँ यही …

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Shashi Kapoor

Shashi Kapoor

Shashi Kapoor was born Balbir-Raj Prithviraj Kapoor on 18 March 1938 in Kolkata. He is an award-winning Indian film actor and producer and a member of the Kapoor family, a film dynasty in India’s Bollywood cinema, is the younger brother of Raj Kapoor and Shammi Kapoor, the son of Prithviraj Kapoor, the widower of Jennifer Kendal, and the father of …

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Buddhism Quiz

Buddhism Quiz

Buddhism Quiz – Buddhism is a religion to about 300 million people around the world. The word comes from ‘budhi’, ‘to awaken’. It has its origins about 2,500 years ago when Siddhartha Gotama, known as the Buddha, was himself awakened (enlightened) at the age of 35.

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Hermann Hesse

Hermann Hesse (July 2, 1877 – August 9, 1962) was a German Swiss Poet, Novelist, & Painter. In 1946, he received the Nobel Prize in Literature. His best-known works include Steppenwolf, Siddhartha, and The Glass Bead Game (also known as Magister Ludi), each of which explores an individual’s search for authenticity, self-knowledge and spirituality. Hermann Hesse was born on 2 …

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सखि वे मुझसे कहकर जाते – मैथिली शरण गुप्त

सखि, वे मुझसे कहकर जाते, कह, तो क्या मुझको वे अपनी पथ-बाधा ही पाते? मुझको बहुत उन्होंने माना फिर भी क्या पूरा पहचाना? मैंने मुख्य उसी को जाना जो वे मन में लाते। सखि, वे मुझसे कहकर जाते। स्वयं सुसज्जित करके क्षण में, प्रियतम को, प्राणों के पण में, हमीं भेज देती हैं रण में– क्षात्र–धर्म के नाते। सखि, वे …

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