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Tag Archives: Missing

Father’s Day Greetings

Father's Day Greetings

Father’s Day Greetings: Father’s Day is the righteous occasion to make your father feel special. It’s the time to express your love and gratitude for him. Your father is the person who has been with you, through all ups and downs. He is the person who held your hands while you started walking. Father’s Day Greetings for WhatsApp, Instagram & …

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माँ की याद – सर्वेश्वरदयाल सक्सेना Frustration Poem on Remembering Mother

माँ की याद - सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

चींटियाँ अण्डे उठाकर जा रही हैं, और चिड़ियाँ नीड़ को चारा दबाए, धान पर बछड़ा रंभाने लग गया है, टकटकी सूने विजन पथ पर लगाए, थाम आँचल, थका बालक रो उठा है, है खड़ी माँ शीश का गट्ठर गिराए, बाँह दो चमकारती–सी बढ़ रही है, साँझ से कह दो बुझे दीपक जलाये। शोर डैनों में छिपाने के लिए अब, शोर …

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झर गये पात – बालकवि बैरागी

झर गये पात - बालकवि बैरागी

झर गये पात बिसर गई टहनी करुण कथा जग से क्या कहनी? नव कोंपल के आते–आते टूट गये सब के सब नाते राम करे इस नव पल्लव को पड़े नहीं यह पीड़ा सहनी झर गये पात बिसर गई टहनी करुण कथा जग से क्या कहनी? कहीं रंग है‚ कहीं राग है कहीं चंग है‚ कहीं फाग है और धूसरित पात …

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परदेसी को पत्र – त्रिलोचन

परदेसी को पत्र - त्रिलोचन

सोसती सर्व उपमा जोग बाबू रामदास को लिखा गनेसदास का नाम बाँचना। छोटे बड़े का सलाम आसिरवाद जथा उचित पहुँचे। आगे यहाँ कुसल है तुम्हारी कुसल काली जी से दिन रात मनाती हूँ। वह जो अमौला तुमने धरा था द्वार पर अब बड़ा हो गया है। खूब घनी छाया है। भौंरौं की बहार है। सुकाल ऐसा ही रहा तो फल …

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माँ से दूर – राहुल उपाध्याय

मैं अपनी माँ से दूर अमरीका में रहता हूँ बहुत खुश हूँ यहाँ, मैं उससे कहता हूँ। हर हफ्ते मैं उसका हाल पूछता हूँ और अपना हाल सुनाता हूँ। सुनो माँ कुछ दिन पहले हम ग्राँड केन्यन गए थे कुछ दिन बाद हम विक्टोरिया–वेन्कूवर जाएंगे दिसंबर में हम केन्कून गए थे और जुन में माउंट रेनियर जाने का विचार है। …

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बादलों की रात – रामकुमार चतुर्वेदी ‘चंचल’

बादलों की रात - रामकुमार चतुर्वेदी ‘चंचल’

फागुनी ठंडी हवा में काँपते तरु–पात गंध की मदिरा पिये है बादलों की रात शाम से ही आज बूँदों का जमा है रंग नम हुए हैं खेत में पकती फ़सल के अंग समय से पहले हुए सुनसान–से बाज़ार मुँद गये है आज कुछ जल्दी घरों के द्वार मैं अकेला पास कोई भी नहीं है है मीत मौन बैठा सुन रहा …

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प्यार का नाता हमारा – विनोद तिवारी

प्यार का नाता हमारा - विनोद तिवारी

जिंदगी के मोड़ पर यह प्यार का नाता हमारा राह की वीरानियों को मिल गया आखिर सहारा ज्योत्सना सी स्निग्ध सुंदर, तुम गगन की तारिका सी पुष्पिकाओं से सजी, मधुमास की अभिसारिका सी रूप की साकार छवि, माधुर्य की स्वच्छन्द धारा प्यार का नाता हमारा, प्यार का नाता हमारा मैं तुम्हीं को खोजता हूँ, चाँद की परछाइयों में बाट तकता …

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क्या तुम न आओगे – टी एन राज

क्या तुम न आओगे – टी एन राज

लो मेरी उम्र भी सठिया गई, क्या तुम न आओगे मेरे बालों में चांदी आ गई, क्या तुम न आओगे नज़र में मोतिया उतरा, हुआ हूं कान से बहरा तुम्हारी ही जवानी खा गई, क्या तुम न आओगे तुम्हारे मायके से आने वाली राह तक–तक कर मेरी तो आंख भी पथरा गई, क्या तुम न आओगे न बेलन ही बरसता …

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आज के बिछुड़े न जाने कब मिलेंगे – नरेंद्र शर्मा

आज के बिछुड़े न जाने कब मिलेंगे - नरेंद्र शर्मा

आज के बिछुड़े न जाने कब मिलेंगे? आज से दो प्रेम योगी अब वियोगी ही रहेंगे! आज के बिछुड़े न जाने कब मिलेंगे? सत्य हो यदि‚ कल्प की भी कल्पना कर धीर बाँधूँ‚ किंतु कैसे व्यर्थ की आशा लिये यह योग साधूँ? जानता हूं अब न हम तुम मिल सकेंगे! आज के बिछुड़े न जाने कब मिलेंगे? आयेगा मधुमास फिर …

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Children’s Day

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