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Tag Archives: Frustration Poems

माँ – दिल छू जाने वाली हिंदी कविता

माँ - दिल छू जाने वाली हिंदी कविता

मै तेरा गुनेहगार हूँ माँ मै तुझे भूल गया उन झूठे रिश्तो के लिए जो मैंने बाहर निभाए उन झूठे नातो के लिए जो मेरे काम ना आये मै तेरा गुनेहगार हूँ माँ बॉस के कुत्ते को कई बार डॉक्टर को दिखाना पड़ा पुचकार कर उसे खुद अपना हाथ भी कटवाना पड़ा पर तेरा चश्मा न बनवा पाया तुझे दवा …

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मजदूर दिवस पर हिंदी कविता – मैं एक मजदूर हूं

मजदूर दिवस पर हिंदी कविता - मैं एक मजदूर हूं

मैं एक मजदूर हूं भगवान की आंखों से मैं दूर हूं छत खुला आकाश है हो रहा वज्रपात है फिर भी नित दिन मैं गाता राम धुन हूं गुरु हथौड़ा हाथ में कर रहा प्रहार है सामने पड़ा हुआ बच्चा कराह रहा है फिर भी अपने में मगन कर्म में तल्लीन हूं मैं एक मजदूर हूं भगवान की आंखों से …

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दोस्ती के नाम एक कविता: सब दोस्त थकने लगे है

दोस्ती के नाम एक कविता: सब दोस्त थकने लगे है

साथ-साथ जो खेले थे बचपन में, वो सब दोस्त अब थकने लगे है, किसी का पेट निकल आया है, किसी के बाल पकने लगे है। सब पर भारी ज़िम्मेदारी है, सबको छोटी मोटी कोई बीमारी है, दिनभर जो भागते दौड़ते थे, वो अब चलते चलते भी रुकने लगे है, उफ़ क्या क़यामत हैं, सब दोस्त थकने लगे है। किसी को …

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रूप के बादल – गोपी कृष्ण ‘गोपेश’

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रूप के बादल यहाँ बरसे, कि यह मन हो गया गीला! चाँद–बदली में छिपा तो बहुत भाया ज्यों किसी को फिर किसी का ख्याल आया और, पेड़ों की सघन–छाया हुई काली और, साँस काँपी, प्यार के डर से रूप के बादल यहाँ बरसे… सामने का ताल, जैसे खो गया है दर्द को यह क्या अचानक हो गया है? विहग ने …

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Happy New Year Funny Hindi Poem हैप्पी न्यू इयर

Happy New Year Funny Hindi Poem हैप्पी न्यू इयर

हैप्पी न्यू इयर इस साल हमने बहुत सोचा विचारा यहाँ तक कि अपना सर तक दीवार पे दे मारा बहुतों से पूछा बहुतों ने बताया फिर भी यह रहस्य समझ में नहीं आया कि कल और आज में अंतर क्या है आख़िर इस नए साल में क्या नया है वही रोज़ की मारामारी जीवन जीने की लाचारी बढ़ती हुई महँगाई …

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Sad Frustration Hindi Poem चुप सी लगी है – नीलकमल

चुप सी लगी है - नीलकमल

चुप सी लगी है। अन्दर ज़ोर एक आवाज़ दबी है। वह दबी चीख निकलेगी कब? ज़िन्दगी आखिर शुरू होगी कब? कब? खुले मन से हंसी कब आएगी? इस दिल में खुशी कब खिलखिलाएगी? बरसों इस जाल में बंधी, प्यास अभी भी है। अपने पथ पर चल पाऊँगी, आस अभी भी है। पर इन्त्ज़ार में दिल धीरे धीरे मरता है धीरे …

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Agyeya Hindi Poem about Poor People & Frustration अनुभव परिपक्व

Anubhav Paripakva - Sachchidananda Vatsyayan Agyeya

माँ हम नहीं मानते – अगली दीवाली पर मेले से हम वह गाने वाला टीन का लट्टू लेंगे ही लेंगे – नहीं, हम नहीं जानते – हम कुछ नहीं सुनेंगे। – कल गुड़ियों का मेला है मुझे एक दो पैसे वाली काग़ज़ की फिरकी तो ले देना अच्छा मैं लट्टू नहीं मांगता – तुम बस दो पैसे दे देना। – …

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Dharamvir Bharati Old Classic Hindi Poem प्रार्थना की एक अनदेखी कड़ी

Dharamvir Bharati Old Classic Hindi Poem प्रार्थना की एक अनदेखी कड़ी

प्रार्थना की एक अनदेखी कड़ी बाँध देती है तुम्हारा मन, हमारा मन, फिर किसी अनजान आशीर्वाद में डूबन मिलती मुझे राहत बड़ी। प्रात सद्य:स्नात, कन्धों पर बिखेरे केश आँसुओं में ज्यों, धुला वैराग्य का सन्देश चूमती रह-रह, बदन को अर्चना की धूप यह सरल निष्काम, पूजा-सा तुम्हारा रूप जी सकूँगा सौ जनम अंधियारियों में, यदि मुझे मिलती रहे, काले तमस की छाँह में ज्योति की यह …

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Bekal Utsahi Hindi Poem about Drought कब बरसेगा पानी

कब बरसेगा पानी – बेकल उत्साही

सावन भादौं साधु हो गए, बादल सब संन्यासी पछुआ चूस गई पुरवा को, धरती रह गई प्यासी फसलों ने वैराग ले लिया, जोगी हो गई धानी राम जाने कब बरसेगा पानी ताल तलैया माटी चाटै, नदियाँ रेत चबाएँ कुएँ में मकड़ी जाला ताने, नहरें चील उड़ाएँ उबटन से गगरी रूठी है, पनघट से बहुरानी राम जाने कब बरसेगा पानी छप्पर …

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पानी रे पानी तेरा रंग कैसा – शोर – Hindi Filmi Song on Poverty

पानी रे पानी तेरा रंग कैसा - शोर - Hindi Filmi Song on Poverty

पानी रे पानी तेरा रंग कैसा जिसमें मिला दो लगे उस जैसा इस दुनिया में जीनेवाले ऐसे भी हैं जीते रूखी-सुखी खाते हैं और ठंडा पानी पीते तेरे एक ही घूँट में मिलता जन्नत का आराम पानी रे पानी तेरा रंग कैसा भूखे की भूख और प्यास जैसा गंगा से जब मिले तो बनता गंगाजल तू पावन बादल से तू …

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