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Helen Keller Quotes in Hindi हेलेन केलर के अनमोल विचार

Helen Keller Quotes in Hindi हेलेन केलर के अनमोल विचार

हेलेन एडम्स केलर (June 27, 1880, Tuscumbia, Alabama – June 1, 1968, Easton, Connecticut) एक अमेरिकी लेखक, राजनीतिक कार्यकर्ता और आचार्य थीं। वह कला स्नातक की उपाधि अर्जित करने वाली पहली बधिर और दृष्टिहीन थी। ऐनी सुलेवन के प्रशिक्षण में ६ वर्ष की अवस्था से शुरु हुए ४९ वर्षों के साथ में हेलेन सक्रियता और सफलता की ऊंचाइयों तक पहुँची। …

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Short English poetry about True Friendship: Here For You

Short English poetry about True Friendship: Here For You

The past you cannot forget or undo, The future is all we can look forward to. I wish I could have been there by your side… For all the times you’ve wept and cried. Know from my heart, what I say is true… That I hurt for the pain you have been through. Never alone shall you be, Someday, freedom …

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एक से भले दो – Two heads are better than one

एक से भले दो

मेरी पत्नी ने कुछ दिनों पहले घर की छत पर कुछ गमले रखवा दिए और एक छोटा सा गार्डन बना लिया। पिछले दिनों मैं छत पर गया तो ये देख कर हैरान रह गया कि कई गमलों में फूल खिल गए हैं, नींबू के पौधे में दो नींबू भी लटके हुए हैं और दो चार हरी मिर्च भी लटकी हुई …

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Walking Alone? Get virtual company with this App

Walking Alone? Get virtual company with this App

If the thought of walking home alone worries you anytime, here comes a public safety mobile phone app that offers you a virtual company by allowing your friends or family members to a keep watch over you. The application named “Companion”, originally developed by students of University of Michigan in the US with the aim of providing lone travellers in …

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आगे गहन अंधेरा है – नेमीचन्द्र जैन

आगे गहन अंधेरा है - नेमीचन्द्र जैन

आगे गहन अंधेरा है मन‚ रुक रुक जाता है एकाकी अब भी हैं टूटे प्राणों में किस छवि का आकर्षण बाकी? चाह रहा है अब भी यह पापी दिल पीछे को मुड़ जाना‚ एक बार फिर से दो नैनों के नीलम–नभ में उड़ जाना‚ उभर उभर आते हैं मन में वे पिछले स्वर सम्मोहन के‚ गूंज गये थे पल भर …

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Misconception – Khushbu Nanavati

Misconception

∼ Khushbu Nanavati

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Stranger – Khushbu Nanavati

Stranger

∼ Khushbu Nanavati

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पगली लड़की – कुमार विश्वास

मावस कि काली रातों में, दिल का दरवाज़ा खुलता है जब दर्द कि प्याली रातों में, ग़म आँसू के संग घुलता है जब पिछवाड़े के कमरे में, हम निपट अकेले होते हैं जब घड़ियाँ टिक-टिक चलती हैं, सब सोते हैं, हम रोते हैं जब बार-बार दोहराने से, सारी यादें चुक जाती हैं जब ऊँच-नीच समझाने में, माथे की नस दुख …

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