Home » Stories For Kids » Stories in Hindi » मज़बूती – सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा
मज़बूती – सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा

मज़बूती – सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा

आतंकवाद, अपराध और फिरौती की घटनाओं से शहर और प्रदेश की हवा भय और असुरक्षा की आंधी में बदल चुकी थी। हर दिन किसी न किसी वारदात से लोग सहमें हुऐ थे।

वे भूल गये थे कि प्रदेश में सरकार या पुलिस भी है। वे चाहने लगे थे कि शीघ्र चुनाव हो और सत्ता उर्जावान, ईमानदार नई पौध को सौंप दी जाए।

परंतु सत्ताधारी दल भी कम घाघ नहीं था। चुनाव की घोषणा के साथ ही, उसने उन नये चेहरे की आपराधिक पृष्ठभूमियों को उजागर करना शुरू कर दिया… जाति ओर सम्प्रदायों के चित्र उभरने लगे। चुनावी संघर्ष आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया।

दिलबाग को इन सब बातों से कुछ लेना देना नहीं था। उसने किसी भी चुनाव में किसी को भी वोट नहीं दिया था। इस बार भी नहीं दिया। पर उसकी सक्रियता के बिना कभी भी चुनाव नहीं हुए थे क्योंकि उसके पास अपना रिक्शा, अपनी बैटरी और अपना माइक था जिसकी बुकिंग हर चुनाव में किसी न किसी उम्मीदवार के पास होती थी और दिलबाग चुनाव प्रचार का ज़रूरी हिस्सा बनता था।

मतदान के बाद नतीज़े आये तो विधानसभा लगंड़ी हो गई। कोई भी दल बहुमत नहीं प्राप्त कर सका। निर्दलियों ने अपनी क़ीमत पायी और फिर से एक सरकार बन गई।

लोगों की उत्सुकता शान्त हो गई।

अपराध और फिरौती बदस्तूर जारी रही। जनता सहमी रही। सरकार का चेहरा वही था। विपक्ष बदल गया। उसने विरोध का झण्डा बुलन्द कर दिया। नई सरकार पर उसका कोई असर नहीं हुआ। उसने अपनी पहली वर्षगाँठ भव्य इन्डोर स्टेडियम में बड़े भव्य ढ़ँग से मनाई। जिसमें नये और पुराने सभी चेहरों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।

जनता टुकुर-टुकुर देखती रही। सहम-सहम कर सिर धुनती रही। दिलबाग अब भी इन सब बातों से बेख़बर था। वह बस एक ही बात, “चुनाव कब होंगें?” क्योंकि हर चुनाव बार-बार हों और वह इसमें हिस्सा ले।

उसने न कभी वोट दिया है न कभी देगा पर लोकतन्त्र को अपने काम से मजबूर रहेगा।

About Surinder Kumar Arora

हरियाणा स्थित जगाधरी में जन्मे सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा 32 वर्ष तक दिल्ली में जीव-विज्ञान के प्रवक्ता के रूप में कार्यरत रहने के उपरांत सेवानिवृत हुए हैं तथा वर्तमान में स्वतंत्र रूप से लघुकथा, कहानी, बाल - साहित्य, कविता व सामयिक विषयों पर लेखन में संलग्न हैं। आपकी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, यथा “आज़ादी”, “विष-कन्या”, “तीसरा पैग” (सभी लघुकथा संग्रह), “बन्धन-मुक्त तथा अन्य कहानियाँ” (कहानी संग्रह), “मेरे देश की बात” (कविता संग्रह), “बर्थ-डे, नन्हे चाचा का” (बाल-कथा संग्रह) आदि। इसके अतिरिक्त कई पत्र-पत्रिकाओं में भी आपकी रचनाएं निरंतर प्रकाशित होती रही हैं तथा आपने कुछ पुस्तकों का सम्पादन भी किया है। साहित्य-अकादमी (दिल्ली) सहित कई संस्थाओं द्वारा आपकी कई रचनाओं को पुरुस्कृत भी किया गया है। डी - 184 , श्याम पार्क एक्स्टेनशन, साहिबाबाद - 201005 ( ऊ . प्र.) मो.न. 09911127277 (arorask1951@yahoo.com)

Check Also

Anti Terrorism Day - 21 May

Anti Terrorism Day – 21 May

The death anniversary of ex-prime minister of India, Shri Rajiv Gandhi is also observed as …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *