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Shani Jayanti 2015

शनि जयंती 2015

कुछ विद्वानों के अनुसार शनि जयंती के बारे में धर्मशास्त्रों में स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता है। इसके बावजूद शनिदेव को अंधकार का देवता माना जाता है। अमावस्या तिथि जिस दिन रात्रि को स्पर्श करती है, उसी दिन शनि जयंती मनाई जाती है। इस वर्ष 18 मई 2015 को सोमवती अमावस्या के साथ-साथ शनि जयंती बताई गई है। इस दिन कृतिका नक्षत्र रहेगा।

इस बार शनि जयंती अलग-अलग दिन मनाई जाएगी। कालनिर्णय पंचांग में 17 मई को और सिद्धविजय पंचांग में 18 मई को शनि जयंती बताई गई है। स्मार्त और वैष्णव मत के अनुसार पर्व मनाए जाते हैं। इस बार अमावस्या तिथि रविवार दोपहर 11.48 बजे लगेगी जो सोमवार सुबह 9.43 बजे तक रहेगी।

इसके चलते स्मार्त मत वाले 17 को और वैष्णव मत वाले 18 को जयंती मनाएंगे। शनिदेव का जन्म दोपहर 12 बजे माना जाता है। अमावस्या भी 17 मई को दोपहर 12 बजे रहेगी। इसलिए इस दिन शनि जयंती मनाना श्रेष्ठ है। 18 को अमावस्या सुबह 9.43 बजे समाप्त हो जाएगी।

~ पंडित “विशाल” दयानन्द शास्त्री [vastushastri08@gmail.com]

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