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तकिया (पिलो) - ओम प्रकाश बजाज

तकिया (पिलो) – ओम प्रकाश बजाज

Takia (Pillow)बिस्तर का हिस्सा है तकिया,
सिरहाना भी कहलाता तकिया।

अपना-अपना तकिया लेना,
उस पर गिलाफ अवश्य चढ़ाना।

मैले तकिये पर न सोना,
नियम से उसका खोल धुलवाना।

बहुत ऊंचा तकिया न लेना,
पिल्लो-फाइट भी न करना।

पीठ टिकाने के काम आता,
गाव तकिया वह कहलाता।

अच्छे-अच्छे शेर और स्वीट ड्रीम्स,
गिलाफों पर काढ़े जाते थे।

मेहमानों के बिस्तर में पहले,
ऐसे तकिये रखे जाते थे।

∼ ओम प्रकाश बजाज

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