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तारे - शम्भू नाथ

तारे – शम्भू नाथ

लगते तारे कितने प्यारे, आसमान के हैं रखवाले,

आसमान में टीप–टिप करते, बच्चे इनके हैं मतवाले,

प्यारे–प्यारे ये चमकीले, सब को मन के भाने वाले,

शाम जब होने को आती, लाल रंग के ये हो जाते,

सारी रात बच्चों की भाँती, इधर उधर को सैर लगाते,

सारी रात बातें कर–करके, सुबह होते ही घर को जाते,

दिन को सोते लूप–छुप करके, शाम को मन बहलाने आते,

जब बादल कड़के बिजली चमके, रोते अपने घर को जाते,

ऐसे बच्चों तुम भी चमके, पढ़ लिख कर जग के रखवाले,

तभी नाम रोशन हो सकता, इस जग के जो रहने वाले,

यही दुआएं हम सब की है, बनोगे तुम जग के रखवाले,

लगते तारे कितने प्यारे, आसमान के हैं रखवाले।

∼ शम्भू नाथ

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