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हिंदी दिवस Short Poem on Hindi Divas

हिंदी दिवस Short Poem on Hindi Divas

वैसे तो हर वर्ष बजता है नगाड़ा,
नाम लूँ तो नाम है हिंदी पखवाड़ा।

हिंदी हैं हम, वतन है हिन्दुस्तान हमारा,
कितना अच्छा व कितना प्यारा है ये नारा।

हिंदी में बात करें तो मूर्ख समझे जाते हैं।
अंग्रेजी में बात करें तो जैंटलमेल हो जाते।

अंग्रेजी का हम पर असर हो गया।
हिंदी का मुश्किल सफ़र हो गया।

देसी घी आजकल बटर हो गया,
चाकू भी आजकल कटर हो गया।

अब मैं आपसे इज़ाज़त चाहती हूँ,
हिंदी की सबसे हिफाज़त चाहती हूँ।।

~ दिविशा तनेजा St. Gregorios School, Gregorios Nagar, Sector 11, Dwarka, New Delhi

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One comment

  1. Poem is very nice and good but it may be bigger than it was very nice. Poem is outstanding. Thanks You!

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