Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » सबसे अधिक तुम्हीं रोओगे: रामावतार त्यागी
सबसे अधिक तुम्हीं रोओगे: रामावतार त्यागी

सबसे अधिक तुम्हीं रोओगे: रामावतार त्यागी

आने पर मेरे बिजली-सी कौंधी सिर्फ तुम्हारे दृग में
लगता है जाने पर मेरे सबसे अधिक तुम्हीं रोओगे।

मैं आया तो चारण-जैसा
गाने लगा तुम्हारा आंगन;
हंसता द्वार, चहकती ड्योढ़ी
तुम चुपचाप खड़े किस कारण?
मुझको द्वारे तक पहुंचाने सब तो आये, तुम्हीं न आए,
लगता है एकाकी पथ पर मेरे साथ तुम्हीं होओगे।

मौन तुम्हारा प्रश्न चिन्ह है,
पूछ रहे शायद कैसा हूं
कुछ कुछ बादल के जैसा हूं;
मेरा गीत सुन सब जागे, तुमको जैसे नींद आ गई,
लगता मौन प्रतीक्षा में तुम सारी रात नहीं सोओगे।

तुमने मुझे अदेखा कर के
संबंधों की बात खोल दी;
सुख के सूरज की आंखों में
काली काली रात घोल दी;
कल को गर मेरे आंसू की मंदिर में पड़ गई ज़रूरत –
लगता है आंचल को अपने सबसे अधिक तुम ही धोओगे।

परिचय से पहले ही, बोलो,
उलझे किस ताने बाने में?
तुम शायद पथ देख रहे थे,
मुझको देर हुई आने में;
जगभर ने आशीष पठाए, तुमने कोई शब्द न भेजा,
लगता है तुम मन की बगिया में गीतों का बिरवा बोओगे।

रामावतार त्यागी

आपको रामावतार त्यागी जी की यह कविता “सबसे अधिक तुम्हीं रोओगे” कैसी लगी – आप से अनुरोध है की अपने विचार comments के जरिये प्रस्तुत करें। अगर आप को यह कविता अच्छी लगी है तो Share या Like अवश्य करें।

यदि आपके पास Hindi / English में कोई poem, article, story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें। हमारी Id है: submission@4to40.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ publish करेंगे। धन्यवाद!

Check Also

वार्षिक आर्थिक राशिफल – Annual Financial Predictions

फरवरी 2018 साप्ताहिक आर्थिक राशिफल: नंदिता पाण्डेय

साप्ताहिक आर्थिक राशिफल: 19 – 25 फरवरी, 2018 – Weekly Financial Predictions मेष (Aries): आर्थिक मसले तभी बेहतर परिणाम …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *