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रक्षा बंधन - अन्वेषा साईं - Raksha Bandhan Hindi Poetry

रक्षा बंधन – अन्वेषा साईं – Raksha Bandhan Hindi Poetry

कच्चे धागों से बनी पक्की डोर है राखी,
प्यार और मीठी शरारतो की होड़ है राखी।
भाई की लम्बी उम्र की दुआ राखी,
बहन के प्यार का पवित्र धुँआ है राखी।

भाई से बहन की रक्षा का वादा है राखी,
लोहे से भी मज़बूत एक धागा है राखी।
जात-पात और भेदभाव से दूर है राखी,
एकता का पाठ पढ़ाती नूर है राखी।

बचपन की यादों का चित्रहार है राखी,
हर घर में खुशियों का उपहार है राखी।
रिश्तों के मीठेपन का एहसास है राखी,
भाई-बहन का परस्पर प्यार है राखी।

दिल का सकून और मीठा सा जज़्बात है राखी,
शब्दों की नहीं पवित्र दिलो की बात है राखी।

~ अन्वेषा साईं (UKG) St. Gregorios School, Sector 11, Dwarka, New Delhi – 110075

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