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पहला नशा, पहला खुमार – मजरूह सुल्तानपुरी

चाहे तुम कुछ ना कहो, मैने सुन लिया
के साथी प्यार का मुझे चुन लिया,
चुन लिया, मैने सुन लिया

पहला नशा, पहला खुमार
नया प्यार है, नया इंतज़ार
कर लू मैं क्या अपना हाल,
ऐ दिल-ए-बेकरार,
मेरे दिल-ए-बेकरार,
तू ही बता

उड़ता ही फिरूँ इन हवाओं में कहीं
या मैं झूल जाऊँ इन घटाओं में कहीं
एक कर दूँ आसमान और ज़मीं
कहो यारों क्या करूँ, क्या नहीं
पहला नशा, पहला खुमार…

उसने बात की कुछ ऐसे ढंग से
सपने दे गया वो हज़ारो रंग के
रह जाऊँ जैसे मैं हार के
और चूमें वो मुझे प्यार से
पहला नशा, पहला खुमार…

∼ मजरूह सुल्तानपुरी

चित्रपट : जो जीता वही सिकंदर (१९९२)
निर्माता : नासिर हुसैन
निर्देशक : मंसूर खान
लेखक : नासिर हुसैन, मंसूर खान
गीतकार : मजरूह सुल्तानपुरी
संगीतकार : जतिन – ललित
गायक : उदित नारायण, साधना सरगम
सितारे : आमिर खान, आयशा झुल्का, पूजा बेदी, मामिक सिंह, दीपक तिजोरी, कुलभूषण खरबंदा

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