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पथ-हीन – भारत भूषण अग्रवाल

कौन सा पथ है?
मार्ग में आकुल–अधीरातुर बटोही यों पुकारा
कौन सा पथ है?

‘महाजन जिस ओर जाएं’ – शास्त्र हुँकारा
‘अंतरात्मा ले चले जिस ओर’ – बोला न्याय पंडित
‘साथ आओ सर्व–साधारण जनों के’ – क्रांति वाणी।

पर महाजन–मार्ग–गमनोचित न संबल है‚ न रथ है‚
अन्तरात्मा अनिश्चय–संशय–ग्रसित‚
क्रांति–गति–अनुसरण–योग्या है न पद सामर्थ्य।

कौन सा पथ है?
मार्ग में आकुल–अधीरातुर बटोही यों पुकारा
कौन सा पथ है?

∼ भारत भूषण अग्रवाल

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