Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » Hindi Poem about Upcoming New Year नया वर्ष द्वार पर
Hindi Poem about Upcoming New Year नया वर्ष द्वार पर

Hindi Poem about Upcoming New Year नया वर्ष द्वार पर

फिर नया वर्ष आकर खड़ा द्वार पर,
फिर अपेक्षित है शुभकामना मैं करूँ,
माँग कर ईश से रंग आशीष के,
आपके पंथ की अल्पना मैं भरूँ।

फिर दिवास्वप्न के फूल गुलदान में,
भर रखूँ आपकी भोर की मेज पर,
न हो बाती नहीं हो भले तेल भी,
कक्ष में दीप पर आपके मैं धरूँ।

फिर ये आशा करूँ जो है विधि का लिखा,
एक शुभकामना से बदलने लगे,
खंडहरों-सी पड़ी जो हुई ज़िंदगी,
ताजमहली इमारत में ढलने लगे।

तार से वस्त्र के जो बिखरते हुए,
तागे हैं एक क्रम में बँधे वे सभी,
झाड़ियों में करीलों की अटका दिवस,
मोरपंखी बने और महकने लगे।

गर ये संभव है तो मैं हर इक कामना,
जो किताबों में मिलती पूर्ण कर रहा,
कल्पना के क्षितिज पर उमड़ती हुई,
रोशनी में नया रंग हूँ भर रहा।

आपको ज़िंदगी का अभीप्सित मिले,
आपने जिसका देखा कभी स्वप्न हो,
आपकी राह उन मोतियों से सजे,
भोर की दूब पर जो गगन धर रहा।

राकेश खण्डेलवाल

आपको राकेश खण्डेलवाल जी की यह कविता “नया वर्ष  द्वार पर” कैसी लगी – आप से अनुरोध है की अपने विचार comments के जरिये प्रस्तुत करें। अगर आप को यह कविता अच्छी लगी है तो Share या Like अवश्य करें।

यदि आपके पास Hindi / English में कोई poem, article, story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें। हमारी Id है: submission@4to40.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ publish करेंगे। धन्यवाद!

Check Also

Songkran Water Festival Images, Stock Photos

Songkran Water Festival Images, Stock Photos

Songkran Water Festival Images, Stock Photos: Songkran is the Thai New Year’s festival. The Thai …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *