Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » नया तरीक़ा – नागार्जुन
नया तरीक़ा - नागार्जुन

नया तरीक़ा – नागार्जुन

दो हज़ार मन गेहूँ आया दस गाँवों के नाम
राधे चक्कर लगा काटने, सुबह हो गई शाम
सौदा पटा बड़ी मुश्किल से, पिघले नेताराम
पूजा पाकर साध गये चुप्पी हाकिम–हुक्काम
भारत–सेवक जी को था अपनी सेवा से काम
खुला चोर बाज़ार, बढ़ा चोकर चूनी का दाम
भीतर झुरा गई ठठरी औ’ बाहर झुलसी चाम
भूखी जनता की खातिर आज़ादी हुई हराम।

नया तरीका अपनाया है राधे ने इस साल
बैलों वाले पोस्टर साटे, चमक उठी दीवाल
नीचे से लेकर ऊपर तक, समझ गया सब हाल
सरकारी गल्ला चुपके से भेज रहा नेपाल
अंदर टँगे पड़े हैं गाँधी – तिलक – जवाहरलाल
चिकना तन – चिकना पहनावा – चिकने–चिकने गाल
चिकनी क़िस्मत, चिकना पेशा, मार रहा है माल
नया तरीका अपनाया है राधे ने इस साल

~ नागार्जुन

Check Also

वार्षिक आर्थिक राशिफल – Annual Financial Predictions

मार्च 2018 साप्ताहिक आर्थिक राशिफल: नंदिता पाण्डेय

साप्ताहिक आर्थिक राशिफल: 26 फरवरी – 4 मार्च, 2018 – Weekly Financial Predictions मेष (Aries): कार्यक्षेत्र की स्थितियों में …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *