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मोहब्बत बड़े काम की चीज है – साहिर लुधियानवी

हर तरफ हुस्न है, जवानी है, आज की रात क्या सुहानी है
रेशमी जिस्म थरथराते है, मारामारी ख्वाब गुनगुनाते है
धड़कनो मे सुरूर फैला है, रंग नजदीक-ओ-दूर फैला है
दावाता-ये-इश्क दे रही है फजा
आज हो जा किसी हसी पे फ़िदा
के मोहब्बत बड़े काम की चीज है काम की

मोहब्बत के दम से है दुनिया की रौनक
मोहब्बत ना होती तो कुछ भी ना होता
नजर और दिल की पनाहो की खातिर
ये जन्नत ना होती तो कुछ भी ना होता
यही एक आराम की चीज है

किताबो मे छपते है चाहत के किस्से
हकीकत की दुनिया मे चाहत नही है
जमाने के बाजार मे ये वो शय है
के जिस की किसी को जरुरत नही है
ये बेकार, बेदाम की चीज है
ये कुदरत के आराम की चीज है
ये बस नाम ही नाम की चीज है

मोहब्बत से इतना खफा होनेवाले
चल आ आज तुज को मोहब्बत सिखा दे
तेरा दिल जो बरसो से वीरान पडा है
किसी नाजनीनान को इस मे बसा दे
मेरा मशवरा काम की चीज है

∼ साहिर लुधियानवी

चित्रपट : त्रिशूल (१९७७)
निर्माता : गुलशन राय
निर्देशक : यश चोपड़ा
लेखक : सलीम – जावेद
गीतकार : साहिर लुधियानवी
संगीतकार : ख़य्याम
गायक : लता मंगेशकर, किशोर कुमार, येसुदास
सितारे : अमिताभ बच्चन, संजीव कुमार, शशि कपूर, राखी, हेमा मालिनी, पूनम ढिल्लों

About Sahir Ludhianvi

साहिर लुधियानवी (८ मार्च १९२१ - २५ अक्टूबर १९८०) एक प्रसिद्ध शायर तथा गीतकार थे। इनका जन्म लुधियाना में हुआ था और लाहौर (चार उर्दू पत्रिकाओं का सम्पादन, सन् १९४८ तक) तथा बंबई (१९४९ के बाद) इनकी कर्मभूमि रही। फिल्म आजादी की राह पर (1949) के लिये उन्होंने पहली बार गीत लिखे किन्तु प्रसिद्धि उन्हें फिल्म नौजवान, जिसके संगीतकार सचिनदेव बर्मन थे, के लिये लिखे गीतों से मिली। फिल्म नौजवान का गाना ठंडी हवायें लहरा के आयें ..... बहुत लोकप्रिय हुआ और आज तक है। बाद में साहिर लुधियानवी ने बाजी, प्यासा, फिर सुबह होगी, कभी कभी जैसे लोकप्रिय फिल्मों के लिये गीत लिखे। सचिनदेव बर्मन के अलावा एन. दत्ता, शंकर जयकिशन, खय्याम आदि संगीतकारों ने उनके गीतों की धुनें बनाई हैं। 59 वर्ष की अवस्था में 25 अक्टूबर 1980 को दिल का दौरा पड़ने से साहिर लुधियानवी का निधन हो गया।

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