Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » मेरे देश की धरती सोना उगले – गुलशन बावरा
मेरे देश की धरती सोना उगले - गुलशन बावरा

मेरे देश की धरती सोना उगले – गुलशन बावरा

मेरे देश की धरती सोना उगले उगले हीरे मोती
मेरे देश की धरती…

बैलों के गले में जब घुँघरू जीवन का राग सुनाते हैं
ग़म कोस दूर हो जाता है खुशियों के कंवल मुसकाते हैं
सुन के रहट की आवाज़ें यों लगे कहीं शहनाई बजे
आते ही मस्त बहारों के दुल्हन की तरह हर खेत सजे

Pran in Upkarमेरे देश की धरती सोना उगले उगले हीरे मोती
मेरे देश की धरती…

जब चलते हैं इस धरती पे हल ममता अँगड़ाइयाँ लेती है
क्यों ना पूजे इस माटी को जो जीवन का सुख देती है
इस धरती पे जिसने जनम लिया उसने ही पाया प्यार तेरा
यहाँ अपना पराया कोई नही हैं सब पे माँ उपकार तेरा

मेरे देश की धरती सोना उगले उगले हीरे मोती
मेरे देश की धरती…

ये बाग़ हैं गौतम नानक का खिलते हैं अमन के फूल यहाँ
गांधी, सुभाष, टैगोर, तिलक ऐसे हैं चमन के फूल यहाँ
रंग हरा हरिसिंह नलवे से रंग लाल है लाल बहादुर से
रंग बना बसंती भगत सिंह रंग अमन का वीर जवाहर से

मेरे देश की धरती सोना उगले उगले हीरे मोती
मेरे देश की धरती…

∼ गुलशन बावरा

चित्रपट : उपकार (१९६७)
निर्माता : हरकिशन आर. मीरचंदानी
निर्देशक : मनोज कुमार
लेखक : मनोज कुमार
गीतकार : गुलशन बावरा
संगीतकार : कल्याणजी आनंदजी
गायक : महेंद्र कपूर
सितारे : मनोज कुमार, आशा पारेख, प्राण, प्रेम चोपड़ा

Check Also

Ajay-Atul Gogavale Ganesh Chaturthi Devotional Bollywood Song देवा श्री गणेशा

देवा श्री गणेशा – अमिताभ भट्टाचार्य

देवा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा ज्वाला सी जलती है आँखो मे जिसके भी दिल …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *