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मैं फिर जन्म लूंगा – गगन गुप्ता ‘स्नेह’

मैं फिर जन्म लूंगा
क्या हुआ जो आज
जमाने ने मुझे हरा दिया
क्या हुआ अगर आज
मेरे अपने मुझे धोखा दे गए
मैं फिर जन्म लूंगा…

अपने सपनों को पूरा करने
ब्रह्मा ने तो सृष्टि बनाई है
उसमें से मुझे अपनी मंज़िल पानी है
अभी ढेर-सा काम बाकी है
अभी तो बहुत से किले जीतने है
मुझे इस सृष्टि का ढांचा बदलना है
मुझे इस जमाने को बदलना है
मैं फिर जन्म लूंगा…

∼ गगन गुप्ता ‘स्नेह’

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