Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » पढ़ लो, भाई! – रिद्धी शर्मा – Children’s Poetry in Hindi
पढ़ लो, भाई! - रिद्धी शर्मा - Children's Poetry in Hindi

पढ़ लो, भाई! – रिद्धी शर्मा – Children’s Poetry in Hindi

स्कूल खुल गए, पढ़ लो भाई,
मस्ती छोड़ अब करों पढ़ाई
पढ़ते-लिखते हैं जो बच्चे,
वे लगते हैं, सब को अच्छे।

अनपढ़ का जीवन बेकार,
मिले न उसको बंगला, कार।
बिन पढ़ाई न कोई चारा,
बच्चा बन जाता नकारा।

लोग तरस भी उस पर खाते,
पर न मदद को आगे आते।
इसलिए कहते है भाई,
मस्ती छोड़ अब करो पढ़ाई।

~ रिद्धी शर्मा (एल.के.जी.) St. Gregorios School, Sector 11, Dwarka, New Delhi – 110075

आपको रिद्धी शर्मा की कविता “पढ़ लो, भाई!” कैसी लगी – आप से अनुरोध है की अपने विचार comments के जरिये प्रस्तुत करें। अगर आप को यह कविता अच्छी लगी है तो Share या Like अवश्य करें।

यदि आपके पास Hindi / English में कोई poem, article, story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें। हमारी Id है: submission@4to40.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ publish करेंगे। धन्यवाद!

Check Also

फर्नीचर - Children's Hindi Poem on Home Furniture

फर्नीचर – Children’s Hindi Poem on Home Furniture

थोड़ा-बहुत  फर्नीचर तो हर घर में होता है, सोने, उठने-बैठने, रखने को कुछ तो होता …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *