Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » जंगल की होली – पवन चन्दन
जंगल की होली - पवन चन्दन

जंगल की होली – पवन चन्दन

लगा महीना फागुन का होली के दिन आए,
इसीलिए वन के राजा ने सभी जीव बुलवाए।

Jungle Ki Holiभालू आया बड़े ठाठ से शेर रह गया दंग,
दुनिया भर के रंग उड़ेले चढ़ा न कोई रंग।

हाथी जी की मोटी लंबी पूँछ बनी पिचकारी,
खरगोश ने घिघियाकर मारी तब किलकारी।

उसका बदला लेने आया वानर हुआ बेहाल,
लगा-लगाकर थका बेचारा चौदह किलो गुलाल।

मौका ताड़े खड़ी लोमड़ी रंगू गधे को आज,
लगा दुलत्ती नो दो ग्यारह हो गए गर्दभराज।

घायल हुई लोमड़ी उसको अस्पताल पहुँचाया,
गर्दभ को जंगल के जज ने दंडित कर समझाया।

होली है त्योहार प्रेम का मौका है अनमोल,
भूलो देश खूब रंग खेलो गले मिलो दिल खोल।

यहाँ राज है जंगल का सबको न्याय मिलेगा,
वरना जग में हमें आदमी फिर बदनाम करेगा।

पवन चन्दन

आपको पवन चन्दन जी की यह कविता “जंगल की होली” कैसी लगी – आप से अनुरोध है की अपने विचार comments के जरिये प्रस्तुत करें। अगर आप को यह कविता अच्छी लगी है तो Share या Like अवश्य करें।

यदि आपके पास Hindi / English में कोई poem, article, story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें। हमारी Id है: submission@4to40.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ publish करेंगे। धन्यवाद!

Check Also

Spot The Difference

Spot The Difference 2: Brain Games For Kids

Spot The Difference – अंतर बताएं – दिए गए चित्र में आप कम से कम पांच अंतर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *