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जेबकतरे - ओमप्रकाश बजाज - Short Hindi poetry about pickpockets

जेबकतरे – ओमप्रकाश बजाज – Short Hindi poetry about pickpockets

हर भीड़-भाड़ वाले स्थान पर,
अक्सर जेबकतरे होते हैं।
पलक झपकते ही वे आपकी,
जेब साफ़ कर देते हैं।

देखते ही देखते काफी बड़ा,
नुक्सान हो जाता है।
कैसे-क्या-क्यों हो गया,
इंसान समझ ही नहीं पाता है।

रेलवे की, बस की, सिनेमा की,
टिकट खिड़की पर तथा
गाड़ी बस में चढ़ते-उतरते हुए
होशियार रहना जरुरी है।

चेन झपटने मोबाइल छीनने,
वालों से भी सजग रहना,
आजकल बहुत ही जरूरी है।

~ ओमप्रकाश बजाज

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One comment

  1. Very very rare collection and sites. Very good approach towards Hindi language.

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