Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » हम लाये हैं तूफ़ान से किश्ती निकाल के: कवि प्रदीप
Kavi Pradeep Inspirational Patriotic Song हम लाये हैं तूफ़ान से किश्ती निकाल के

हम लाये हैं तूफ़ान से किश्ती निकाल के: कवि प्रदीप

पासे सभी उलट गए दुशमन कि चाल के
अक्षर सभी पलट गए भारत के भाल के
मंजिल पे आया मुल्क हर बला को टाल के
सदियों के बाद फिर उड़े बादल गुलाल के

हम लाए हैं तूफान से किश्ती निकाल के
इस देश को रखना मेरे बच्चो संभाल के
तुम ही भविष्य हो मेरे भारत विशाल के
इस देश को रखना मेरे बच्चो संभाल के

देखो कहीं बरबाद न होवे ये बगीचा
इसको हृदय के खून से बापू ने है सींचा
रक्खा है ये चिराग शहीदों ने बाल के
इस देश को रखना मेरे बच्चो संभाल के

दुनियां के दांव पेंच से रखना न वास्ता
मंजिल तुम्हारी दूर है लंबा है रास्ता
भटका न दे कोई तुम्हें धोके में डाल के
इस देश को रखना मेरे बच्चो संभाल के

एटम बमों के जोर पे ऐंठी है ये दुनियां
बारूद के इक ढेर पे बैठी है ये दुनियां
तुम हर कदम उठाना जरा देखभाल के
इस देश को रखना मेरे बच्चो संभाल के

आराम की तुम भूल भुलय्या में न भूलो
सपनों के हिंडोलों में मगन हो के न झूलो
अब वक्त आ गया मेरे हंसते हुए फूलो
उट्ठो छलांग मार के आकाश को छू लो
तुम गाड़ दो गगन में तिरंगा उछाल के
इस देश को रखना मेरे बच्चो संभाल के

कवि प्रदीप

चित्रपट : जागृति (1954)
गीतकार : प्रदीप
संगीतकार : हेमंत कुमार
गायक : मुहम्मद रफ़ी
सितारे : अभी भट्टाचार्य, प्रणोति घोष, कनु रॉय, मेहमूद, धूमल, बिपिन गुप्ता, घनश्याम

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