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होली त्योहार है - लक्ष्मीनारायण गुप्त

होली त्योहार है – लक्ष्मीनारायण गुप्त

होली त्योहार है जीवन और जीने का
होली त्योहार है देवाधिदेव का
भोलेनाथ है, जो उन महादेव का
भांग की मस्ती का, ठंडाई की चुस्की का
हास परिहास का, आमोद प्रमोद का

Holi Tyohaar Haiहोली त्योहार है राग और रंग का
अबीर गुलाल का, मेल मिलाप का
व्यंग विनोद का

होली त्योहार है सरसों के फूलों का
चने के साग का, गेहूं की बालियों का

होली त्योहार है प्रह्लाद और विष्णु का
होलिका दहन का, हिरण्यकश्यप मर्दन का
दुष्टों के दलन और भक्तों के रक्षण का

होली त्योहार है शिव और शक्ति का
प्रियतम और प्रियतमा के मधुर मिलन का
लास का, नृत्य का, परम रहस्य का

होली त्योहार है कन्हैया और राधा का
बरसाने के रास में नाचती हुई गोपियों का

होली त्योहार है जन साधारण का
मानवों और देवों का, भूत पिशाचों का
जवानी के जोश का, मद की मदहोशी का
मोहन की मुरली का, शंकर के डमरू का
फागुन के फागों का, वसन्त बयार का
होली त्योहार है जीवन और जीने का

∼ लक्ष्मीनारायण गुप्त

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