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Hindi Poem on Yoga & Meditation ध्यान और योग

Hindi Poem on Yoga & Meditation ध्यान और योग

प्रकृति की गोद में, करें ध्यान और योग,
प्राणायाम से नष्ट हों जीवन के सब रोग।

जीवन के सब रोग मिटें, आनंद मिलेगा,
सकारात्मक उर्जा होगी तो हृदय खिलेगा।

कवि हो जाता धन्य देख यह दृष्य सुहाना,
ऐसे सुख से बढ़ कर सुख न हमने जाना।

~ रजनीश माँगा

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