Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » Hindi Poem on Indian Festivals भारत के त्यौहार
Hindi Poem on Indian Festivals भारत के त्यौहार

Hindi Poem on Indian Festivals भारत के त्यौहार

भारत वर्ष में हम भारतीय
सम्भवतः सभी पर्व मनाते हैं।

धर्म निरपेक्षता पहचान इसकी
धरती आनन्द मग्न सदा रहती।

अनेक त्यौहार कभी कभार
माह दो माह के भीतर-भीतर
हर धर्म में मनाए जाते हैं।

कभी ईद, दिवाली इकट्ठे हुए
कभी आनन्द चौदस और
गणेश-चतुर्दशी
पोंगल और लोहड़ी हैं
कभी गुरू पर्व क्रिसमस जुड़ जाते हैं।

श्रृंखला बद्ध तरीके से जब
हम बड़े-बड़े उत्सव मनाते हैं।

फूलों की बौछार आसमाँ करते
हृदय आनन्द विभोर हो जाते हैं।

हमारी राष्टीय एकता और अखंडता
इसी सहारे जीवित है
सब धर्म यहाँ उपस्थित हैं
सब धर्म की राह दिखाते हैं
भारत वर्ष को शत-शत नमन
हम तभी भारतीय कहलाते हैं।

~ सविता दत्ता

आपको सविता दत्ता की यह कविता “भारत के त्यौहार” कैसी लगी – आप से अनुरोध है की अपने विचार comments के जरिये प्रस्तुत करें। अगर आप को यह कविता अच्छी लगी है तो Share या Like अवश्य करें।

यदि आपके पास Hindi / English में कोई poem, article, story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें। हमारी Id है: submission@4to40.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ publish करेंगे। धन्यवाद!

Check Also

Yoga

Trikonasana: The Triangle Pose and benefits of doing Trikonasana

Trikonasana is a standing yoga posture that requires strength, balance and flexibility. In this posture, both …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *