Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » Hindi Bal Kavita on Budget बजट
Hindi Bal Kavita on Budget बजट

Hindi Bal Kavita on Budget बजट

बच्चों तुम ने बजट की चर्चा सुनी होगी,
टी. वी. पर ख़बरें भी देखी होंगी।

अपने घर में बढ़ती मेंहगाई के कारण,
बिगड़ते बजट की बात कान में पड़ी होगी।

घर से लेकर संस्थानों, सरकारों तक,
वार्षिक बजट बनाया जाता है।

होने वाली आय तथा अनुमानित खर्चे का,
संतुलन बैठाने का हिसाब लगाया जाता है।

आमदनी बढ़ाने खर्च में कटौती के,
भिन्न- भिन्न उपाय विचार-अपनाए जाते हैं।

साल भर तक बजट के अनुरूप ही सारे,
खर्च चलाए जाते हैं।

~ ओम प्रकाश बजाज

आपको “ओम प्रकाश बजाज” जी की बाल-कविता “बजट” कैसी लगी – आप से अनुरोध है की अपने विचार comments के जरिये प्रस्तुत करें। अगर आप को यह कविता अच्छी लगी है तो Share या Like अवश्य करें।

यदि आपके पास Hindi / English में कोई poem, article, story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें। हमारी Id है: submission@4to40.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ publish करेंगे। धन्यवाद!

Check Also

Remotely Thanksgiving

Humorous Story of Lost Remote Control: Remotely Thanksgiving

“Jessie are you sure you don’t know where the TV remote is, Bob asked her …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *