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हंसना - ओम प्रकाश बजाज

हंसना – ओम प्रकाश बजाज

जितना आसान है
उतना ही बुरा है,
दूसरों पर हंसना
उन्हें चिढ़ाना!
उनका मज़ाक बनाना
उनकी खिल्ली उड़ाना,

बहुत कठिन है
स्वयं अपने पर हंसना,
अपनी कमियों को
समझना महसूस करना
और उन्हें दूर करने का
हंसी-खुशी प्रयास करना!

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