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गेंद (बॉल) – पूर्णिमा वर्मन

Ballनीचे से ऊपर को जाती
ऊपर से नीचे को आती
लाल हरी और नीली गेंद।

मम्मी पापा नाना नानी
रामु मीषु बबलू रानी
सबकी नयी सहेली गेंद।

Basketball Playerघर में पिछवाड़े में खेली
गर्मी में जाड़े में खेली
हर दिल को हरियाली गेंद।

कभी जोर से टप्पा खाती
कभी लुढ़कती गिरती जाती
मन की बड़ी हठीली गेंद।

Basketball Playingछोटे-छोटे कंचों जैसी
जप पूजा के मानकों जैसी
लकदक नयी नवेली गेंद।

कहीं किसी को लग ना जाये
कांच ना टूटे डांट ना खाये
मिल कर बड़ी संभाली गेंद।

∼ पूर्णिमा वर्मन

About Purnima Varman

जन्म: २७ जून १९५५ को पीलीभीत में। शिक्षा: संस्कृत साहित्य में स्नातकोत्तर उपाधि, स्वातंत्र्योत्तर संस्कृत साहित्य पर शोध, पत्रकारिता और वेब डिज़ायनिंग में डिप्लोमा। कार्यक्षेत्र: पूर्णिमा वर्मन का नाम वेब पर हिंदी की स्थापना करने वालों में अग्रगण्य है। १९९६ से निरंतर वेब पर सक्रिय, उनकी जाल पत्रिकाएँ अभिव्यक्ति तथा अनुभूति वर्ष २००० से अंतर्जाल पर नियमित प्रकाशित होने वाली पहली हिंदी पत्रिकाएँ हैं। इनके द्वारा उन्होंने प्रवासी तथा विदेशी हिंदी लेखकों को एक साझा मंच प्रदान करने का महत्त्वपूर्ण काम किया है। लेखन एवं वेब प्रकाशन के अतिरिक्त वे जलरंग, रंगमंच, संगीत तथा हिंदी के अंतर्राष्ट्रीय विकास के अनेक कार्यों से जुड़ी हैं।

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