Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » मित्रता
Friendship

मित्रता

सोच-समझ कर जांच परख कर,
आश्वस्त होकर मित्र बनाना!

मित्रता को गंभीरता से लेना,
इसे खेल या मजाक न बनाना!

गिने-चुने पर सच्चे मित्र ही बनें,
ऐरे-गैरों से मात्र गिनती न बढ़ाना!

एक बार जिसे मित्र बनाना,
उससे जीवा भर मित्रता निभाना!

वक़्त पड़ने पर कष्ट आने पर,
मित्र को यथासंभव सहायता पहुचना!

अच्छे मित्र अनमोल होते है,
यह बात न तुम कभी भूलना!

~ ओम प्रकाश बजाज

Check Also

अच्छे बच्चे - शिक्षाप्रद हिंदी बाल कविता

अच्छे बच्चे – शिक्षाप्रद हिंदी बाल कविता

कहना हमेशा बड़ो का मानते माता पिता को शीश नवाते, अपने गुरुजनों का मान बढ़ाते …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *