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दुनिया रंग-बिरंगी Holi Special Children's Poetry

दुनिया रंग-बिरंगी Holi Special Children’s Poetry

नीले, पीले और गुलाबी
लाल, हरे, नारंगी,

हुई रंगों से देखो सारी
दुनिया रंग-बिरंगी।

गालों पर गुलाल की रंगत
रंग बिखेरे सूंदर,

दौड़ रहे लेकर पिचकारी
रामु, श्यामू, चंदर।

बांट रही हैं गुझिया सबको
मीठी खुशियां प्यारी,

होली की मस्ती में देखो
हँसती दुनिया सारी।

भांति-भांति के रंग भरे सब
मार रहे पिचकारी,

रंग-बिरंगे लोग लग रहे
ज्यो सूंदर फुलवारी।

~ डॉ फहीम अहमद

आपको डॉ फहीम अहमद जी की यह खूबसूरत बाल-कविता “दुनिया रंग-बिरंगी” होली के त्यौहार के बारे में कैसी लगी – आप से अनुरोध है की अपने विचार comments के जरिये प्रस्तुत करें। अगर आप को यह कविता अच्छी लगी है तो Share या Like अवश्य करें।

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