Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » दिन होली के – यतीन्द्र राही
दिन होली के - यतीन्द्र राही

दिन होली के – यतीन्द्र राही

गीत फाग के, दिन मस्ती के
उलझन-झिड़क ज़बरदस्ती के
बौरे-बहके-गंधनशीले
रूप दहकते रंग गरबीले
Radha Krishna Holiधरते पाँव सँवार झूमते
जैसे हों कहार डोली के
दिन होली के।

टिमकी ढोलक, बजे मंजीरे
ताल-स्वरों के चरन अधीरे
ढप पर थाप, झाँझ पर झोके
मन मचले, रोके ना रोके
नचती राधा हुई बावरी
कान्हा कहीं किसी टोली के
दिन होली के।

उड़त गुलाल लाल भए बादर
आसमान रंगों की झालर
झरे अबीर चले पछवैया
आँगन बोले सोन चिरैया
मन के द्वार, नयन के पनघट
रंग बिखरते मिठबोली के
दिन होली के।

यतीन्द्र राही

आपको यतीन्द्र राही जी की यह कविता “दिन होली के” कैसी लगी – आप से अनुरोध है की अपने विचार comments के जरिये प्रस्तुत करें। अगर आप को यह कविता अच्छी लगी है तो Share या Like अवश्य करें।

यदि आपके पास Hindi / English में कोई poem, article, story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें। हमारी Id है: submission@4to40.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ publish करेंगे। धन्यवाद!

Check Also

Veerey Ki Wedding Movie

Bollywood 2018 Romantic Comedy Film: Veerey Ki Wedding Movie Review

Directed by: Ashu Trikha Screenplay by: Dilip Shukla Starring: Pulkit Samrat, Kriti Kharbanda, Jimmy Shergill, Satish Kaushik Genre: Comedy …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *