Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » Diwali Festival Hindi Bal Kavita दीप जलाओ दीप जलाओ आज दिवाली रे
Diwali Festival Hindi Bal Kavita दीप जलाओ दीप जलाओ आज दिवाली रे

Diwali Festival Hindi Bal Kavita दीप जलाओ दीप जलाओ आज दिवाली रे

दीप जलाओ, दीप जलाओ,
आज दिवाली रे,
खुशी-खुशी सब हंसते आओ,
आज दिवाली रे।

मैं तो लूंगा खेल-खिलौने,
तुम भी लेना भाई,
नाचो, गाओ, खुशी मनाओ,
आज दिवाली आई।

आज पटाखे खूब चलाओ,
आज दिवाली रे,
दीप जलाओ, दीप जलाओ,
आज दिवाली रे।

नए-नए मैं कपड़े पहनूं,
खाऊं खूब मिठाई,
हाथ जोड़कर पूजा कर लूं
आज दिवाली आई।

खाओ मित्रों, खूब मिठाई,
आज दिवाली रे,
दीप जलाओ, दीप जलाओ,
आज दिवाली रे।

आज दुकानें खूब सजी हैं,
घर भी जगमग करते,
झिलमिल-झिलमिल दीप जले हैं,
कितने अच्छे लगते।

आओ, नाचो, खुशी मनाओ, आज दिवाली रे,
दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दिवाली रे।

आपको यह बाल-कविता “दीप जलाओ दीप जलाओ आज दिवाली रे” कैसी लगी – आप से अनुरोध है की अपने विचार comments के जरिये प्रस्तुत करें। अगर आप को यह कविता अच्छी लगी है तो Share या Like अवश्य करें।

यदि आपके पास Hindi / English में कोई poem, article, story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें। हमारी Id है: submission@4to40.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ publish करेंगे। धन्यवाद!

Check Also

हद हो गई शैतानी की - नटखट बच्चों की बाल-कविता

हद हो गई शैतानी की – नटखट बच्चों की बाल-कविता

टिंकू ने मनमानी की, हद हो गई शैतानी की। सोफे का तकिया फेका, पलटा दिया …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *