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दादी-दादा - Hindi Poetry about Grandparents

दादी-दादा – व्रीती बिष्ट – Hindi Poetry about Grandparents

एक हमारे दादा जी हैं,
एक हमारी दादी।
दोनों ही पहना करते हैं,
बिलकुल भूरी खादी।
दादी गाया करतीं,
दादा जी मुस्काते।
कभी-कभी दादा जी भी हैं,
कोई गाना गाते।

~ व्रीती बिष्ट (LKG) – St. Gregorios School, Sector 11, Dwarka, New Delhi – 110075

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