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बुलाय गई राधा प्यारी - अल्हड़ बीकानेरी

बुलाय गई राधा प्यारी – अल्हड़ बीकानेरी

कान्हा बरसाने में आय जइयो
बुलाय गई राधा प्यारी

असली मक्खन कहां आजकल‚ शार्टेज है भारी
चरबी वारौ बटर मिलैगा‚ फ्रिज में हे बनवारी
आधी टिकिया मुख लिपटाय जइयो
बुलाय गई राधा प्यारी

मटकी रीती पड़ी दही की‚ बड़ी अजब लाचारी
सपरेटा कौ दही मीलैगो‚ कप में हे बनवारी
छोटी चम्मच भर के खाय जइयो
बुलाय गई राधा प्यारी

नंदन बन के पेड़ काट गए‚ बने पार्क सरकारी
टुविस्ट करत गोपियां मिलैंगी जिनमें हे बनवारी
संडे के दिन रास रचा जइयो
बुलाय गई राधा प्यारी

जमना तट सुनसान‚ मौन है बांसुरिया बेचारी
गूंजत मधुर गिटार मिलैगो‚ ब्रज में हे बनवारी
फिल्मी डिस्को ट्यून सुनाय जइयो
बुलाय गई राधा प्यारी

सूखे बृज के ताल‚ गोपियां स्विंमिंग पूल बलिहारी
पहने बेदिंग सूट मिलैंगी‚ जल में हे बनवारी
उनके कपड़े चुस्त चुराय जइयो
बुलाय गई राधा प्यारी

सूनौ पनघट‚ फूटी गगरी‚ मेम बनी ब्रजनारी
जूड़ौ गुंबद छाप मिलैंगौ‚ सिर पै हे बनवारी
दरसन कर प्यास बुझाय जइयो
बुलाय गई राधा प्यारी

कान्हा बरसाने में आय जइयो
बुलाय गई राधा प्यारी

~ अल्हड बीकानेरी

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