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बचपन – वर्तिका खण्डेलवाल

Bachpanनन्हा प्यारा सा यह बचपन,
जीवन का एक टुकड़ा बचपन।

नटखट नादानी का बचपन,
विधा में जो डूबा तनमन।

खेलकूद में गुजरा ये बचपन,
याद दिलाता है प्रति क्षण।

रंग-रंगीली दुनिया में,
बीता है सुन्दर-सा बचपन।

∼ वर्तिका खण्डेलवाल

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