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बच्चे मन के सच्चे - साहिर लुधियानवी

बच्चे मन के सच्चे – साहिर लुधियानवी

बच्चे मन के सच्चे, सारी जग के आँख के तारे
ये वो नन्हे फूल हैं जो, भगवान को लगते प्यारे

खुद रूठे, खुद मन जाये, फिर हमजोली बन जाये
झगड़ा जिसके साथ करें, अगले ही पल फिर बात करें
इनका किसी से बैर नहीं, इनके लिये कोई ग़ैर नहीं
इनका भोलापन मिलता है, सबको बाँह पसारे

बच्चे मन के सच्चे…

इन्ससान जब तक बच्चा है, तब तक समझ का कच्चा है
ज्यों ज्यों उसकी उमर बढ़े, मन पर झूठ का मैल चढ़े
क्रोध बढ़े, नफ़रत घेरे, लालच की आदत घेरे
बचपन इन पापों से हटकर अपनी उमर गुज़ारे

बच्चे मन के सच्चे…

तन कोमल मन सुन्दर
हैं बच्चे बड़ों से बेहतर
इनमें छूत और छात नहीं, झूठी जात और पात नहीं
भाषा की तक़रार नहीं, मज़हब की दीवार नहीं
इनकी नज़रों में एक हैं, मन्दिर मस्जिद गुरुद्वारे

बच्चे मन के सच्चे…

साहिर लुधियानवी

चित्रपट : दो कलियाँ (१९६८)
गीतकार : साहिर लुधियानवी
संगीतकार : रवि
गायक : लता मंगेशकर
सितारे : बिस्वजीत, माला सिन्हा, मेहमूद, ओम प्रकाश, नीतू सिंह

Do Kaliyan is a 1968 film directed by R. Krishnan and S. Panju. It stars Mala Sinha, Biswajeet, Mehmood and Neetu Singh. It was a remake of the 1965 Tamil language film Kuzhandaiyum Deivamum, itself adapted from Disney’s The Parent Trap (1961) and ultimately based on the Erich Kästner novel Lottie and Lisa (Das doppelte Lottchen).

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One comment

  1. साहिर साहब को सलाम उनके देश भक्ति और भाईचारे के जस्बे को ये देश कभी नहीं भूलेगा वे अपने शानदार गीतो और नज्मो द्वारा दिलो पर युग युग राज करेंगे और उनका जादू समय अंतराल बढ़ाता ही जायेगा इसी कड़ी को जोड़ने के खातिर नवजवानों को साहिर साब से जोड़ने के खातिर मैंने ये साहिर लुधयानवी फैन क्लब की स्थापना फेस बुक पर की है कोई भी साहिर साहब को चाहने वाला हमारे ग्रुप में आमंत्रित है धन्यवाद्

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