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Poems In Hindi

बच्चों की हिन्दी कविताएं — 4to40 का हिन्दी कविताओ का संग्रह | Hindi Poems for Kids — A collection of Hindi poems for children. पढ़िए कुछ मजेदार, चुलबुली, नन्ही और बड़ी हिंदी कविताएँ. इस संग्रह में आप को बच्चो और बड़ो के लिए ढेर सारी कविताएँ मिलेंगी.

सुभाष चन्द्र बोस: गोपाल प्रसाद व्यास

सुभाष चन्द्र बोस - गोपाल प्रसाद व्यास: देश भक्ति कविता

है समय नदी की बाढ़ कि जिसमें सब बह जाया करते हैं, है समय बड़ा तूफ़ान प्रबल पर्वत झुक जाया करते हैं। अक्सर दुनिया के लोग समय में चक्कर खाया करते हैं, लेकिन कुछ ऐसे होते हैं, इतिहास बनाया करते हैं। यह उसी वीर इतिहास-पुरुष की अनुपम अमर कहानी है, जो रक्त कणों से लिखी गई,जिसकी जय-हिन्द निशानी है। प्यारा …

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हैं सुभाष चन्द्र बोस अमर: हरजीत निषाद

हैं सुभाष चन्द्र बोस अमर Hindi poem on Netaji Subhash Chandra Bose

परमवीर निर्भीक निडर, पूजा जिनकी होती घर घर, भारत मां के सच्चे सपूत, हैं सुभाष चन्द्र बोस अमर। सन अट्ठारह सौ सत्तानवे, नेता जी महान थे जन्मे, कटक ओडिशा की धरती पर, तेईस जनवरी की शुभ बेला में। देशभक्तों के देशभक्त, दूरंदेश थे अति शशक्त, नारा जय हिन्द का देकर बोले, आजादी दूंगा तुम देना रक्त। आजादी की लड़ी लड़ाई, …

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वो था सुभाष: रोहित कुमार ‘हैप्पी’

वो था सुभाष - Hindi Patriotic Poem on Subhas Chandra Bose

वो था सुभाष, वो था सुभाष वो भी तो खुश रह सकता था महलों और चौबारों में उसको लेकिन क्या लेना था तख्तो – ताज – मीनारों से? वो था सुभाष, वो था सुभाष अपनी मां बंधन में थी जब कैसे वो सुख से रह पाता रणदेवी के चरणों में फिर क्यों ना जाकर शीश चढ़ाता? अपना सुभाष, अपना सुभाष …

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नेताजी का तुलादान: गोपाल प्रसाद व्यास

नेताजी का तुलादान - गोपाल प्रसाद व्यास: Patriotic Poem on Subhash Chandra Bose

देखा पूरब में आज सुबह, एक नई रोशनी फूटी थी। एक नई किरन, ले नया संदेशा, अग्निबान-सी छूटी थी॥ एक नई हवा ले नया राग, कुछ गुन-गुन करती आती थी। आज़ाद परिन्दों की टोली, एक नई दिशा में जाती थी॥ एक नई कली चटकी इस दिन, रौनक उपवन में आई थी। एक नया जोश, एक नई ताज़गी, हर चेहरे पर …

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राष्ट्रगान मुझको भी आता है: मनोहर लाल ‘रत्नम’

राष्ट्रगान मुझको भी आता है: मनोहर लाल ‘रत्नम’

जन गण मन बीमार पड़ा है, अधिनायक है कहाँ सो गया, भारत भाग्य विधाता भी तो, इन गलियों में कहीं खो गया। मेरे भारत के मस्तक पर, है आतंक की काली छाया – कर्णधार जितने भारत के, इन सबको है संसद भाता। मुझसे यदि पूछ कर देखो, राष्ट्रगान मुझको है आता॥ आग लगी है पंजाब मेरे में, सिंधु और गुजरात …

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मेरा रंग दे बसंती चोला: प्रेम धवन

मेरा रंग दे बसंती चोला - प्रेम धवन

मेरा रंग दे बसंती चोला, माए रंग दे मेरा रंग दे बसंती चोला दम निकले इस देश की खातिर बस इतना अरमान है एक बार इस राह में मरना सौ जन्मों के समान है देख के वीरों की क़ुरबानी अपना दिल भी बोला मेरा रंग दे बसंती चोला… मेरा रंग दे बसंती चोला, माए रंग दे मेरा रंग दे बसंती …

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जन गण मन अधिनायक जय हे: रबीन्द्रनाथ टैगोर

Rabindranath Tagore Jayanti

जन गण मन अधिनायक जय हे, भारत भाग्य विधाता। पंजाब सिंधु गुजरात मराठा द्राविड़ उत्कल बंग विंध्य हिमाचल यमुना गंगा उच्छल जलधि तरंग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय गाथा। जन गण मंगल दायक जय हे, भारत भाग्य विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥ राष्ट्रगान के बाद वाले पद …

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छोडो कल की बातें कल की बात पुरानी: प्रेम धवन

छोडो कल की बातें कल की बात पुरानी - प्रेम धवन

छोडो कल की बातें कल की बात पुरानी छोडो कल की बातें कल की बात पुरानी नए दौर में लिखेंगे मिल कर नयी कहानी हम हिन्दुस्तानी, हम हिन्दुस्तानी… आज पुरानी जंजीरों को तोड़ चुके है क्या देखे उस मंजिल को जो छोड़ चुके है चाँद के दर पे जा पंहुचा है आज ज़माना नए जगत से हम भी नाता जोड़ …

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वन्दे मातरम्: बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय

वन्दे मातरम् - बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय

वन्दे मातरम् भारत का संविधान सम्मत राष्ट्रगीत है। बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा संस्कृत बाँग्ला मिश्रित भाषा में रचित इस गीत का प्रकाशन सन् 1882 में उनके उपन्यास आनन्द मठ में अन्तर्निहित गीत के रूप में हुआ था। इस उपन्यास में यह गीत भवानन्द नाम के सन्यासी द्वारा गाया गया है। इसकी धुन यदुनाथ भट्टाचार्य ने बनायी थी। ∼ बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय हिन्दी-अनुवाद …

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ऐ मेरे प्यारे वतन, ऐ मेरे बिछड़े चमन: सलिल चौधरी

Kabuliwala - Rabindranath Tagore Classic English Short Story

ऐ मेरे प्यारे वतन, ऐ मेरे बिछड़े चमन, तुझ पे दिल कुर्बान तू ही मेरी आरजू, तू ही मेरी आबरू, तू ही मेरी जान तेरे दामन से जो आये उन हवाओं को सलाम चूम लूँ मैं उस ज़ुबां को जिसपे आये तेरा नाम सब से प्यारी सुबह तेरी, सब से रंगीं तेरी शाम माँ का दिल बनके कभी सीने से …

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