Tag Archives: Self Respect Hindi Poems

स्त्री: सुमित्रानंदन पंत हिन्दी कविता

स्त्री: सुमित्रानंदन पंत

सुमित्रानंदन पंत हिंदी साहित्य में छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक हैं। इस युग को जयशंकर प्रसाद, महादेवी वर्मा, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ जैसे कवियों का युग कहा जाता है। सुमित्रानंदन पंत जी प्रकृति और प्यार पर बहुत सारे कविताएं लिखी है। सुमित्रानंदन पंत हिन्दी कविता: स्त्री यदि स्वर्ग कहीं है पृथ्वी पर, तो वह नारी उर के भीतर, …

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नारी: सुमित्रानंदन पंत की लोकप्रिय हिंदी कविता

नारी: सुमित्रानंदन पंत की लोकप्रिय हिंदी कविता

We human beings are one of the animal species. Yet with our newfound ability to think and plan, we have created a very artificial world around us. Men the problem solvers are essentially responsible for creating this artificial world whereas women have remained much closer to nature and natural emotions. Latter remains a much more powerful force and if a …

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अंतरराष्ट्रीय नारी दिवस पर हिंदी कविता: मैं नारी

मैं नारी - अंतरराष्ट्रीय नारी दिवस पर एक कविता

1933 से 1945 के बीच अमेरिका की फर्स्ट लेडी रहीं एलियानोर रूजवेल्ट ने कहा था, ‘महिला एक टीबैग की तरह है, जब तक आप उसे गर्म पानी में न डालें तब तक पता ही नहीं चलता कि वह कितनी स्ट्रॉन्ग है।‘ उसने मां, बेटी, बहन और दोस्त जैसे न जाने कितने किरदारों में खुद को हर बार साबित किया है, …

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माँ-बाप: बुजुर्ग माता पिता पर हिंदी कविता

माँ-बाप: बुजुर्ग माता पिता पर हिंदी कविता

देखते ही देखते जवान, माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं… सुबह की सैर में, कभी चक्कर खा जाते है, सारे मौहल्ले को पता है, पर हमसे छुपाते है… दिन प्रतिदिन अपनी, खुराक घटाते हैं, और तबियत ठीक होने की, बात फ़ोन पे बताते है… ढीली हो गए कपड़ों, को टाइट करवाते है, देखते ही देखते जवान, माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं…! …

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भये प्रगट कृपाला: तुलसीदास द्वारा रचित श्री राम स्तुति

भये प्रगट कृपाला - गोस्वामी तुलसीदास

भये प्रगट कृपाला, दीन दयाला, कौसल्या हितकारी। हरषित महतारी, मुनि मनहारी, अद्भुत रूप विचारी॥ लोचन अभिरामा, तनु घनस्यामा, निज आयुध भुज चारी। भूषन वनमाला, नयन बिसाला, सोभासिंधु खरारी॥ भावार्थ: दीनों पर दया करने वाले, कौसल्या के हितकारी कृपालु प्रभु प्रकट हुए। मुनियों के मन को हरने वाले उनके अद्भुत रूप का विचार करके माता हर्ष से भर गई। नेत्रों को …

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गोस्वामी तुलसीदास जी के दोहे हिंदी अनुवाद के साथ

तुलसीदास जी के दोहे

गोस्वामी तुलसीदास जी के दोहे अर्थ सहित (Tulisdas Ke Dohe With Meaning in Hindi) गोस्वामी तुलसीदास (जन्म- 1532 ई. – मृत्यु- 1623 ई.) हिन्दी साहित्य के आकाश के परम नक्षत्र, भक्तिकाल की सगुण धारा की रामभक्ति शाखा के प्रतिनिधि कवि है। तुलसीदास एक साथ कवि, भक्त तथा समाज सुधारक तीनों रूपों में मान्य है। श्रीराम को समर्पित ग्रन्थ श्रीरामचरितमानस वाल्मीकि …

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दोस्ती पर समर्पित कविता: दोस्ती की मिसाल रखियेगा

दोस्ती पर समर्पित हिंदी कविता: दोस्ती की मिसाल रखियेगा

दोस्ती पर कविता में पढ़िए एक दोस्त की जिंदगी में क्या अहमियत होती है। दोस्त ही तो वो शख्स होता है जिसके साथ हम अपने दिल की वो बातें कर सकते हैं जो हम किसी और से नहीं कर सकते। दोस्त एक मान की तरह प्यार देता है। पिता की तरह डांटता है और भाई की तरह ख्याल रखता है। …

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दोस्ती के नाम एक कविता: सब दोस्त थकने लगे है

दोस्ती के नाम एक कविता: सब दोस्त थकने लगे है

यूं तो रोजमर्रा की जिंदगी में हमारे कई दोस्त होते हैं, जिनमें कुछ खास, तो कुछ आम होते हैं। दोस्ती भी सबसे अलग-अलग होती है। कभी सिर्फ हाय-हैलो, कभी काम चलाउ, कभी खट्टी-मीठी नमकीन, तो कभी सतरंगी रंगों से सजी दुनिया सी…। सब दोस्त थकने लगे है: खूबसूरत कविता दोस्ती के नाम साथ-साथ जो खेले थे बचपन में, वो सब …

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हरिवंश राय बच्चन वीर रस देश प्रेम कविता: रुके न तू

हरिवंश राय बच्चन वीर रस देश प्रेम कविता: रुके न तू

Here is an exhortation from Harivansh Rai Bachchan to leave inaction and to work with full enthusiasm and vigor. A good poem for children to recite. धरा हिला, गगन गुँजा नदी बहा, पवन चला विजय तेरी, विजय तेरीे ज्योति सी जल, जला भुजा–भुजा, फड़क–फड़क रक्त में धड़क–धड़क धनुष उठा, प्रहार कर तू सबसे पहला वार कर अग्नि सी धधक–धधक हिरन …

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माँ: ओम व्यास ओम – माँ पर मार्मिक कविता

माँ - ओम व्यास ओम

माँ संवेदना है, भावना है, अहसास है माँ, माँ जीवन के फूलों में खुशबू का वास है माँ। माँ रोते हुए बच्चे का खुशनुमा पलना है माँ, माँ मरूथल में नदी या मीठा सा झरना है माँ। माँ लोरी है, गीत है, प्यारी सी थाप है माँ, माँ पूजा की थाली है, मंत्रों का जाप है माँ। माँ आँखों का सिसकता हुआ किनारा …

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