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Tag Archives: Restlessness folktales in Hindi

चतुर सुनार: भारत की एक रोचक लोककथा बच्चों के लिए

चतुर सुनार

एक समय की बात है – एक राजा था, जिसे अपने बुद्धिमान होने का बड़ा घमंड था। उसका विशवास था कि पूरे राज्य में एक भी ऐसा नही है, जो उसे धोका देकर साफ़ निकल जाए। एक दिन यह बात उसने मंत्रियों से कही। सबने हकमी भर दी, सिवाय एक के। राजा को बड़ा आश्चर्य हुआ। “क्या तुम नही मानते …

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घर की मुर्गी दाल बराबर: कहानियां कहावतों की

घर की मुर्गी दाल बराबर – कहानियां कहावतो की

फकीरा बहुत गरीब था। मेहनत मज़दूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करता था। घर में अधिकतर दाल रोटियां ही बनती थी। एकादि बार प्याज की चटनी भी चल जाती थी। फिर शाम को दाल। कभी कभी हरी सब्ज़ी बनती थी। मीट तो बकरीद के समय ही बन पाता था। कभी खरीदकर लाते थे। कभी किसी के यहाँ से आ …

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घर में नहीं दाने, अम्मा चली भुनाने: कहानियां कहावतों की

घर में नहीं दाने, अम्मा चली भुनाने-Hindi folktale on proverb No rash at home, went to her cash

एक गरीब परिवार था। उसका खर्चा जैसे ­ तैसे चल रहा था। घर में कभी दाल रोटी कभी सब्ज़ी ­ रोटी। लेकिन महीने में भी कई दिन ऐसे आते थे जब बिना दाल ­सब्ज़ी के गुजरा होता था। कभी प्याज­ नमक से रोटियाँ खाते कभी चटनी के साथ। सभी एकादी आलू बचा लेते तो उसे उबालकर भरता बना लेते। कभी …

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